प्रयोगशाला परीक्षणों में ये बात सामने आई है कि दूषित पेयजल के कारण इंदौर में उल्टी-दस्त की व्यापक महामारी फैली है. जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 1,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए. दूषित पानी का कारण जल पाइपलाइन में सीवेज का रिसाव पाया गया, जिससे भारत के तथाकथित सबसे स्वच्छ शहर में नागरिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
इंदौर वॉटर क्राइसिस: दूषित पानी के परीक्षण में जो निकला वो देख हैरान रह जाएंगे!
इंदौर में दूषित पानी से लोगों की जानें जा रही हैं. प्रयोगशाला परीक्षण में पाया गया कि पीने वाले पानी में वो तत्त्व मिले जो गटर या नाली में पाए जाते हैं.
Advertisement
Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)













