जम्मू यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस में मोहम्मद अली जिन्ना को अल्पसंख्यकों के नेता के तौर पर शामिल किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. छात्रों ने इसका विरोध करते हुए मांग की है कि इसके बजाय बी.आर. अंबेडकर और खान अब्दुल गफ्फार खान जैसी हस्तियों को प्रमुखता दी जाए. यूनिवर्सिटी ने इस मामले की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई है, जबकि फैकल्टी इसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के दिशानिर्देशों के अनुरूप एक अकादमिक फैसला बताकर इसका बचाव कर रही है. क्या है पूरा मामला, ज़्यादा जानने के लिए वीडियो देखें.
जम्मू यूनिवर्सिटी में 'जिन्ना' को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?
यूनिवर्सिटी ने इस मामले की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई है, जबकि फैकल्टी इसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के दिशानिर्देशों के अनुरूप एक अकादमिक फैसला बताकर इसका बचाव कर रही है.
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