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डॉनल्ड ट्रंप की धमकी- 'ग्रीनलैंड पर हमारा विरोध किया तो टैरिफ लगा देंगे'

US President Donald Trump पिछले कई महीनों से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि America को ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करना चाहिए, जो कि फिलहाल Denmark किंगडम का एक सेल्फ-गवर्निंग इलाका है. White House ने कन्फर्म किया है कि उस इलाके पर अमेरिका के कब्जे के बारे में "सभी ऑप्शन खुले हैं"

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ट्रंप की धमकी के बाद से डेनमार्क की नेवी के जहाज ग्रीनलैंड के आसापास गश्त कर रहे हैं (PHOTO-AFP)

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उन्हीं के देश में घुसकर उठाने के बाद अब अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड पर है. आर्कटिक क्षेत्र में पड़ने वाला ग्रीनलैंड वैसे तो स्वायत्त है, लेकिन तकनीकी तौर पर ये डेनमार्क के अधीन आता है. इसका 80 फीसदी हिस्सा बर्फ से ढका रहता है. ट्रंप के ग्रीनलैंड पर दावे के बाद से कई ऐसे देश भी उनके विरोध में हैं जो नाटो में अमेरिका के सहयोगी हैं. लिहाजा ट्रंप ने उन्हें भी धमकी दे दी है. सैन्य कार्रवाई की धमकी नहीं. टैरिफ लगाने की धमकी. 

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16 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कंट्रोल का समर्थन नहीं करते. अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी कह चुके हैं कि "नेशनल सिक्योरिटी" के नजरिए से अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक इवेंट में प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा, 

अगर वे ग्रीनलैंड के मामले में साथ नहीं देते हैं तो मैं उन देशों पर टैरिफ लगा सकता हूं, क्योंकि हमें नेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड चाहिए.

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प्रेसिडेंट ट्रंप पिछले कई महीनों से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करना चाहिए, जो कि डेनमार्क किंगडम का एक सेल्फ-गवर्निंग इलाका है. व्हाइट हाउस ने कन्फर्म किया है कि उस इलाके पर अमेरिका के कब्जे के बारे में "सभी ऑप्शन खुले हैं", लेकिन यह पहली बार है जब ट्रंप ने इस प्रपोजल का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है. 

ट्रंप का बयान यूरोपीय देशों के ग्रीनलैंड में कम संख्या में मिलिट्री सैनिक भेजे जाने के ठीक एक दिन बाद हुई है. बता दें कि 17 जनवरी तक ग्रीनलैंड में करीब 187 यूरोपीय सैनिक मौजूद हैं. इनमें डेनमार्क के लगभग 150 सैनिक पहले से तैनात हैं, जिनमें कुछ नागरिक हैं. जबकि फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, स्वीडन, नॉर्वे और नीदरलैंड्स ने मिलकर सीमित संख्या में वहां अपने सैनिक भेजे हैं. ये तैनाती डेनमार्क की अगुवाई में चल रहे नाटो प्रैक्टिस 'ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस' के तहत की गई है.

डेनमार्क का कहना है कि वह ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए "बड़ी और ज्यादा स्थायी" NATO मौजूदगी स्थापित करने की योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है.

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(यह भी पढ़ें: 'गोली पहले मारेंगे, पूछेंगे बाद में' , डेनमार्क ने ग्रीनलैंड पर नज़र डालने वालों को चेतावनी दी है!)

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन भी पिछले एक हफ्ते से वाशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के साथ बैठकें कर रहे हैं, और इससे पहले उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बातचीत की थी.

वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के बाद यूरोप क्या करेगा?

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