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पोल्लाची यौन उत्पीड़न केस: सभी 9 आरोपियों को उम्रकैद, प्लानिंग करके महिलाओं का यौन शोषण करते थे

साल 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले तमिलनाडु के पोल्लाची में एक यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल रैकेट का पता चला था. आरोप लगा कि इस रैकेट में शामिल लोगों ने कई महिलाओं को झासा देकर उनका यौन शोषण किया और उनके वीडियो बना लिए. इसके बाद शुरू होता ब्लैकमेलिंग कर पैसे वसूलने का धंधा.

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सभी दोषियों को उम्रकैद. (तस्वीर- इंडिया टुडे से साभार)

तमिलनाडु के पोल्लाची यौन उत्पीड़न मामले के सभी 9 आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है. कोयंबटूर की महिला अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. ये लोग सामूहिक बलात्कार, यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेल और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों में दोषी पाए गए हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले, पोल्लाची में एक यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल रैकेट का पता चला था. आरोप लगा कि इस रैकेट में शामिल लोगों ने कई महिलाओं को झासा देकर उनका यौन शोषण किया और उनके वीडियो बना लिए. इसके बाद शुरू होता ब्लैकमेलिंग कर पैसे वसूलने का धंधा. पीड़ित महिलाओं को धमकी दी जाती कि अगर उन्होंने संबंध नहीं बनाए और पैसे नहीं दिए तो उनके वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे. 

इस मामले के सामने आने के बाद तत्कालीन AIADMK की सरकार कई सवालों से घिर गई. उस पर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न करने के आरोप लगे. वहीं कुछ आरोपियों के राजनीतिक संबंध भी सामने आए. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को पहले CB-CID और फिर CBI को सौंपा गया. जांच में मालूम हुआ कि सभी आरोपी योजनाबद्ध तरीके से महिलाओं को निशाना बना रहे थे.

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अब छह साल बाद जज आर नंदिनी देवी ने इस मामले में फैसला सुनाया. CBI के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी सुरेंद्र मोहन ने पीड़िताओं का पक्ष रखते हुए अधिकतम सजा की मांग की. वहीं सुनवाई के दौरान 8 पीड़िताओं ने गवाही दी, जबकि कुल 48 गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए.

सभी सबूतों और गवाही को सुनने के बाद जज ने अपने फैसले में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376D (सामूहिक बलात्कार) और 376(2)(n) (एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार) के तहत दोषी पाया. इंडिया टुडे के मुताबिक महिला कोर्ट ने पीड़ितों को 85 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है.

सजा पाने वाले नौ आरोपियों के नाम थिरुनावुकारसु, सबरीसन एलियास, टी वसंत कुमार, एम सतीश, आर मणि एलियास मणिवन्नन, हैरोन पॉल, पी बाबू , अरुलानाथम और अरुण कुमार है.

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