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कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की बहस आतंकी कसाब और मेनका गांधी तक कैसे पहुंच गई?

Supreme Court में Stray Dogs पर सुनवाई के बीच पाकिस्तानी आतंकी Ajmal Amir Kasab का भी जिक्र छिड़ गया. सीनियर वकील राजू रामचंद्रन बीच सुनवाई में कसाब को घसीट लाए.

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मेनका गांधी (दाएं) की टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना माना. (PTI/X @pfaindia)
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सृष्टि ओझा

20 जनवरी को आवारा कुत्तों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को कड़ी फटकार लगाई. मेनका ने आवारा कुत्तों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना की थी, जिसे कोर्ट ने 'अदालत की अवमानना' ​​माना. हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू नहीं की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो 'नरमी' बरतते हुए कार्रवाई नहीं कर रहा है.

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इंडिया टुडे से जुड़ीं सृष्टि ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने गांधी से यह भी पूछा कि केंद्रीय मंत्री के तौर पर उन्होंने आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने के लिए किस 'बजटीय आवंटन' में मदद की थी.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और एनिमल एक्टिविस्ट मेनका गांधी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कार्यक्रम कार्यान्वयन एवं सांख्यिकी एवं पशु देखभाल का अतिरिक्त प्रभार, केंद्रीय राज्य मंत्री, संस्कृति एवं पशु देखभाल का अतिरिक्त प्रभार (स्वतंत्र प्रभार), केंद्रीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण एवं वन जैसे जिम्मेदार पदों पर रह चुकी हैं.

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सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर सुनवाई के बीच पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब का भी जिक्र छिड़ गया. इस दौरान सीनियर वकील राजू रामचंद्रन बीच सुनवाई में कसाब को घसीट लाए. इससे पहले कोर्ट में सर्वोच्च अदालत की टिप्पणियों को लेकर बहस चल रही थी.

कोर्ट ने वकील रामचंद्रन से कहा,

"आपने कहा कि अदालत को टिप्पणी करते समय सतर्क रहना चाहिए, लेकिन क्या आपने अपनी मुवक्किल से पूछा है कि उन्होंने किस तरह की टिप्पणियां की हैं? क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उन्होंने सबके खिलाफ तरह-तरह की टिप्पणियां की हैं. क्या आपने उनकी बॉडी लैंग्वेज देखी है?"

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कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रामचंद्रन ने कहा कि बजटीय आवंटन एक नीतिगत मामला है. तभी उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे 26/11 मुंबई हमले में जिंदा पकड़ा गए इकलौते आतंकी अजमल कसाब के लिए भी कोर्ट में पेश हुए हैं. मुंबई आतंकी हमले के मामले में अजमल कसाब का पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राजू रामचंद्रन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था. बाद में कसाब को फांसी की सजा दी गई थी.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, रामचंद्रन ने कोर्ट में कहा,

"बिल्कुल. अगर मैं अजमल कसाब के लिए पेश हो सकता हूं, तो मैं उनके लिए भी पेश हो सकता हूं."

इस पर जस्टिस नाथ ने रामचंद्रन से कहा,

"अजमल कसाब ने अदालत की अवमानना ​​नहीं की, लेकिन आपकी मुवक्किल ने की है."

पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर तीखी टिप्पणी की थी. बीते साल सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली के नगर निगम अधिकारियों को 8 हफ्तों के अंदर सभी आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें डेडिकेटेड शेल्टर में रखने का निर्देश दिया था. कोर्ट का इस आदेश का काफी विरोध हुआ था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वोच्च अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मेनका गांधी ने कहा था,

"दिल्ली में तकरीबन 3 लाख आवारा कुत्ते हैं. इन्हें हटाने के लिए कम से कम 3 हजार शेल्टर्स (Pounds) बनाने पड़ेंगे. इनमें पानी, नाली, रसोई, छत और चौकीदार की व्यवस्था करनी पड़ेगी. इन सबकी लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये आएगी."

फिर मेनका ने पूछा था, "क्या दिल्ली के पास इतने पैसे हैं?" उन्होंने आगे कहा था,

"शेल्टर में कुत्तों को खिलाने के लिए हफ्ते में 5 करोड़ रुपये और लगेंगे, जिससे जनता भड़क सकती है."

20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यह तो साफ कर दिया कि वो मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना का मामला नहीं चलाएगा. हालांकि, कोर्ट ने यह नहीं बताया कि गांधी की किन टिप्पणियों को अवमानना माना गया. इस मामले की अगली सुवाई 28 जनवरी को होगी.

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय विश्वविद्यालयों से क्या कहा?

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