पश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) कानून का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुर्शिदाबाद के बाद साउथ 24 परगना जिले में 14 अप्रैल को वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर आ रही है. हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है.
वक्फ कानून पर बंगाल में फिर हिंसा, 24 परगना में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प, कई वाहन फूंके
Murshidabad के बाद South 24 Parganas में भी Waqf Act को लेकर हिंसा भड़क गई है. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी. रैली के दोरान झड़प में कई लोग घायल हो गए हैं.


इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि धर्म के साथ 'अपवित्र' खेल मत खेलो. हम दुनिया में अकेले आते हैं. हम अकेले ही जाते हैं. फिर युद्ध या दंगा क्यों? हम सबके साथ खड़े हैं
पोइला बोइशाख (बंगाली नववर्ष) की पूर्व संध्या पर ममता ने कहा,
मैं कहना चाहती हूं, हर किसी को अनुमति के साथ शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है लेकिन कानून को अपने हाथ में ना लें. चाहे आप कोई भी हों. धर्म का मतलब संस्कृति है. धर्म का मतलब एकता है. लोगों के प्रति प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता. अगर आप लोगों से प्यार करते हैं, तो आप सब कुछ जीत सकते हैं, लेकिन अगर आप खुद को अलग-थलग कर लेते हैं, तो आप किसी को भी नहीं जीत सकते.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. ISF समर्थक वक्फ (संशोधन) कानून के विरोध में एक रैली निकाल रहे थे. हालात तब हिंसक हो गए जब पुलिस ने ISF समर्थकों को सेंट्रल कोलकाता के रामलीला मैदान में रैली ले जाने से रोक दिया.
इस रैली को ISF पार्टी के नेता और भांगर विधायक नौशाद सिद्दीकी ने संबोधित किया. HT ने पुलिस के हवाले से बताया है कि प्रदर्शनकारियों को बसंती हाईवे पर भोजेरहाट के पास रोका गया. यहां भांगर के साथ-साथ पड़ोसी इलाकों जैसे मीनाखान और संदेशखाली से बड़ी संख्या में ISF कार्यकर्ता इकट्ठा हुए थे.
जब भीड़ ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया. इससे दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई. एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने कहा,
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कुछ गाड़ियों में आग लगा दी और जब प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था संभालने वालों (पुलिस)) पर हमला किया तो कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए.
ISF समर्थक विरोध में सड़क पर बैठ गए, जिसकी वजह से हाईवे पर ट्रैफिक ठप हो गया. हालात पर काबू पाने के लिए सीनियर अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया. आस-पास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी भी जारी किया गया. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया.
चश्मदीदों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, क्योंकि रामलीला मैदान में रैली के लिए पुलिस की इजाजत नहीं थी. हालांकि, हिंसा के बावजूद सिद्दीकी ने रामलीला मैदान में सभा को संबोधित किया. उन्होंने वक्फ (संशोधन) कानून की आलोचना की और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की.
उन्होंने कहा,
यह कानून केवल मुसलमानों पर हमला नहीं है, यह संविधान पर हमला है. हम इस एक्ट को स्वीकार नहीं करेंगे. ऐसे कानूनों का समर्थन करने वाली सरकार को जाना चाहिए.
ISF ने भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर विपक्षी विरोध को दबाने का आरोप लगाया.
उन्होंने पूछा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में नया वक्फ कानून लागू नहीं किया जाएगा. हम इसका स्वागत करते हैं. लेकिन फिर पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण रैली में शामिल होने से क्यों रोक रही है? क्या विरोध करने का अधिकार केवल तृणमूल कांग्रेस का है?”
इससे पहले वक्फ (संशोधन) कानून के विरोध में शुक्रवार और शनिवार को मुर्शिदाबाद के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई थी. इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी.
वीडियो: Bengal में हिंसा पर Calcutta High Court ने सुनाया ये फैसला, Mamata Banerjee बोलीं, 'केंद्र सरकार...'












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