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चार साल में एक ही शख्स बना नौ परिवारों का बरसों पहले खोया बेटा, 'स्कैम' की कहानी पूरी फिल्मी है

पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो राजू ने बताया कि उसने अपहरण की फर्जी कहानी बनाई थी. और ऐसा करके वो 9 परिवारों को धोखा दे चुका है.

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इंद्रराज ने बताया है कि उसने 9 परिवारों से झूठ बोला है. (तस्वीर: इंडिया टुडे)

UP के एक परिवार को खबर मिली कि उनका 31 सालों पहले किडनैप हुआ बेटा मिल गया है. खुशी का माहौल बन गया. लेकिन फिर उत्तराखंड के एक परिवार ने जो बताया, उससे बड़ा खुलासा हुआ. देहरादून के एक परिवार ने कहा कि राजू नाम बताने वाले इसी शख्स ने कुछ महीने पहले उनके साथ भी ऐसा ही दावा किया था. इसके बाद पुलिस को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ. उन्होंने ‘राजू’ का DNA टेस्ट कराने का फैसला लिया. लेकिन जैसे ही जांच के लिए सैंपल लिए गए. और पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वो टूट गया और उसने बताया कि ये सब दावे झूठे थे. और उसने इस तरह झूठ बोलकर 9 परिवारों को धोखा दिया है.

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राजू ने कहा कि उसका असली नाम इंद्रराज है और वो राजस्थान से है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 नवंबर को वो गाजियाबाद के खोड़ा थाने पहुंचा था. उसने पुलिस को बताया कि 1993 में 9 साल की उम्र में उसे अगवा करवा कर लिया गया था. उसने कहा कि ऑटो में सवार कुछ लोग उसे राजस्थान के जैसलमेर ले गए. बकौल इंद्रराज, उसे एक चरवाहे की झोपड़ी के बाहर जंजीरों से बांध कर रखा गया. और बंधुआ मजदूरों की तरह भेड़ और गाय पालने के लिए मजबूर किया गया.

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पुलिस ने जांच की तो उन्हें 31 साल पहले का गुमशुदगी का एक मामला मिला. पुलिस ने परिवार को बुलाया तो इंद्रराज ने कहा कि यही लोग उसके माता-पिता हैं. इसके बाद पुलिस ने उसको परिवार के हवाले कर दिया. लेकिन फिर देहरादून के एक दूसरे परिवार ने पुलिस से संपर्क किया. और कहा कि कई सालों पहले उन्होंने अपना बेटा खो दिया था. कुछ महीने पहले यही व्यक्ति उनके पास आया था और कहा था कि वो उनका खोया हुआ बेटा 'मनु' है. उसने किडनैपिंग वाली फर्जी कहानी वहां भी सुनाई थी. हालांकि, कुछ महिनों बाद उसने कहा कि वो नौकरी खोजने के लिए दिल्ली जा रहा है. परिवार ने आरोप लगाया कि इंद्रराज ने उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया है.

पुलिस के साथ पूछताछ में इंद्रराज ने बताया कि उसने पिछले 4 सालों में ऐसे ही 9 परिवारों को धोखा दिया है. देहरादून और गाजियाबाद के अलावा राजस्थान के सीकर के ऐसे 3 परिवारों का पता चला है, जो राजू का शिकार बन चुके हैं. हालांकि, अब तक किसी भी परिवार के साथ चोरी, डकैती या किसी गंभीर अपराध का पता नही चला है.

पुलिस ने इंद्रराज के असली परिवार से भी संपर्क किया. राजस्थान में रहने वाले उसके परिजनों ने बताया कि उसका एक भाई और दो बहने हैं. उसके पिता का नाम चुन्नीलाल है. उसके पिता ने साल 2011 में ही उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था. इसके बाद उसने अपना घर छोड़ दिया.

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