The Lallantop

Blinkit अब 10 मिनट में सामान नहीं देगा, सरकार की एंट्री के बाद लगा ब्रेक

Blinkit stops 10 minute delivery: डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडविया ने खुद हस्तक्षेप किया था. इसके बाद Blinkit ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी की बात हटाने का फैसला किया है.

Advertisement
post-main-image
Blinkit ने 10 मिनट डिलीवरी का दावा बंद करने का फैसला किया है. (Photo: ITG)
author-image
हिमांशु मिश्रा

क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit ने ऑनलाइन सामान डिलीवरी पर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने अपने सभी प्लेटफॉर्म्स से 10 मिनट में डिलीवरी करने का दावा हटा दिया है. कंपनी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में गिग वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल किया था. इसे लेकर काफी वाद-विवाद भी हुआ था और गिग वर्कर्स की सुरक्षा और जॉब सिक्योरिटी को लेकर भी सवाल उठे थे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

जानकारी के मुताबिक सरकार ने खुद इस मामले में दखल दिया था. इसके बाद क्विक कॉमर्स कंपनियों ने समय सीमा में डिलीवरी करने वाला दावा हटाने का फैसला लिया है. पॉपुलर क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit ने इसकी शुरूआत भी कर दी है. आजतक से जुड़े हिमांशु मिश्रा के अनपुट के अनुसार अन्य कंपनियों ने भी सरकार को आश्वासन दिया है कि वह भी डिलीवरी की समय सीमा का दावा करना बंद कर देंगे.

श्रम मंत्री ने दिया दखल

सूत्रों के मुताबिक डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडविया ने खुद हस्तक्षेप किया था. इसके बाद Blinkit ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी की बात हटाने का फैसला किया है. जानकारी के मुताबिक इस मसले पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडविया ने Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato के अधिकारियों से बात की थी. उन्होंने डिलीवरी के लिए समय सीमा हटाने की बात कही थी. इसके बाद सभी कंपनी ने सरकार को अस्वासन दिया कि वो अपने ब्रांड ऐड और सोशल मीडिया से डिलीवरी की समय सीमा हटाएंगे.

Advertisement

इससे पहले लगातार यह सवाल उठाए जा रहे थे कि क्विक कॉमर्स कंपनियां कम से कम समय में सामान डिलीवरी का दावा करती हैं, लेकिन इससे डिलीवरी वर्कर की सुरक्षा को खतरा होता है. उन्हें समय में पहुंचने के लिए तेज रफ्तार से वाहन चलाना पड़ता है. लोगों के साथ-साथ गिग वर्कर्स के यूनियन ने भी यह सवाल उठाए थे. इस पर सरकार ने प्लेटफॉर्म्स के साथ बात की.

क्या बदलेगा Blinkit?

सूत्रों के मुताबिक Blinkitअपने सभी ब्रांड मैसेजिंग से "10-मिनट डिलीवरी" के रेफरेंस हटा देगा. इसमें विज्ञापन, प्रमोशनल कैंपेन और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन शामिल हैं. इसका मतलब जरूरी नहीं है कि डिलीवरी धीमी हो जाएं. लेकिन अब ब्रांड अपनी तरफ से दावा नहीं करेगा कि वह इतने कम समय में सामान डिलीवर कर देगा. इंडिया टुडे के मुताबिक कंपनियां अब ऐसे दावे करने से बचेंगी, जिन्हें असुरक्षित डिलीवरी व्यवहार को बढ़ावा देने वाला माना जा सकता है.

यह भी पढ़ें- Blinkit वाले 'ऑनलाइन डॉक्टर' दवा लिख रहे, लोग खाए जा रहे, अंजाम क्या होगा?

Advertisement

हालांकि, इससे पहले जोमैटो के CEO दीपेंद्र गोयल सहित अन्य प्लेटफॉर्म के प्रमुखों ने फास्ट डिलीवरी मॉडल का बचाव किया था. उन्होंने कहा था कि यह सिस्टम स्पीड पर नहीं, बल्कि डिजाइन और उपलब्धता पर आधारित है. यानी स्टोर इतने करीब बनाए गए हैं कि जल्दी डिलीवरी संभव हो पाती है.

वीडियो: जोमाटो और ब्लिकिंट के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने गिग वर्कर्स की स्ट्राइक पर क्या कहा?

Advertisement