उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी में नहाने गए 7 नाबालिग बच्चे हादसे का शिकार हो गए. नदी में नहाते हुए बच्चे उस हिस्से में पहुंच गए, जहां पानी बहुत गहरा था. गहरे पानी में डूबने की वजह से 4 बच्चों की मौत हो गई. मछुआरों ने 3 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. घटना की सूचना मिलने पर संबंधित थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची. उसने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी हॉस्पिटल भेज दिया है.
प्रयागराज में 7 लड़के गंगा नदी में नहाते वक्त डूबे, 4 के शव मिले हैं
यह हादसा मांडा थाना क्षेत्र के बामपुर गंगा घाट के पास हुआ. मृतकों की पहचान कुणाल, निहाल, दीपक और ऋषभ के तौर पर हुई. जिन लड़कों को मछुआरों ने बचा लिया उनके नाम मोहित, दिव्यांशु और अमन बताए गए हैं.


इंडिया टुडे से जुड़े पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा मांडा थाना क्षेत्र के बामपुर गंगा घाट के पास हुआ. मृतकों की पहचान कुणाल, निहाल, दीपक और ऋषभ के तौर पर हुई. जिन लड़कों को मछुआरों ने बचा लिया उनके नाम मोहित, दिव्यांशु और अमन बताए गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब ये सातों सुबह के वक्त करीब 10.30 बजे बामपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने पहुंचे थे. सभी नदी में कूद पड़े. खेल-खेल में वे कब गहरे पानी की तरफ बढ़ गए पता ही नहीं चला. कुछ ही समय बाद वे डूबने लगे.
डूबने पर बच्चों ने चीख-पुकार मचाई जिसे सुनकर आस-पास के लोग घाट पर इकट्ठा हो गए. कुछ मछुआरों ने बच्चों की जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी. वे 3 बच्चों को तो जीवित बचा लाए, लेकिन कुणाल, निहाल, दीपक और ऋषभ वापस नहीं लौट पाए. बाद में काफी मशक्कत के बाद इन चारों के शवों को बरामद किया गया. घटना की सूचना मिलने पर बच्चों के घरों में कोहराम मच गया.
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यमुनानगर जोन के DCP विवेक चंद्र यादव के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलने के बाद मांडा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर माधव प्रसाद त्रिपाठी और भारत गंज चौकी प्रभारी सुभाष सिंह पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. कार्रवाई करते हुए, शवों को अपने कब्जे में लिया. और बाद में उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
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