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महाकुंभ: माघी पूर्णिमा स्नान से पहले संगम पर पलटी नाव, 2 लापता, 8 को अस्पताल में भर्ती कराया गया

Maghi Purnima Snan से पहले संगम पर एक पलट गई. रिपोर्ट है कि एक श्रद्धालु के पाव फिसलने के कारण ऐसा हुआ. घटना वाली जगह पानी बहाव तेज था.

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संगम पर जुटी भीड़. (तस्वीर: PTI, 11 फरवरी)

महाकुंभ मेले में माघी पूर्णिमा के स्नान से पहले एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. संगम पर नाव पलटने (Boat Capsized at Sangam) से 10 श्रद्धालुओं में से दो लापता हो गए हैं जिसमें एक महिला भी शामिल हैं. वहीं 8 को गंभीर हालत में स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया है. नाव पर देहरादून और कर्नाटक के परिवार सवार थे. उन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखे थे.

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घटना के बाद प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. लापता लोगों की तलाश के लिए NDRF-जल पुलिस की टीम ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये लोग संगम पर स्नान के बाद वापस लौट रहे थे. शुरुआती रिपोर्ट है कि एक श्रद्धालु का पैर फिसल गया जिसके बाद नाव पलट गई. जिस जगह पर नाव पलटी वहां पानी का बहाव काफी तेज था. आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया था. NDRF की टीम के साथ-साथ स्थानीय गोताखोरों ने भी पानी में छलांग लगा दी थी. 

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ये भी पढ़ें: माघी पूर्णिमा स्नान के संगम नोज पर पहुंचे लाखों श्रद्धालु, ट्रैफिक संभालने के लिए भारी व्यवस्था की गई है

प्रयागराज को बनाया गया ‘नो व्हीकल जोन’

आज यानी 12 फरवरी की सुबह से लाखों श्रद्धालु संगम नोज पर माघी पूर्णिमा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन यहां भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की है. उनका दावा है कि वो किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. आपात स्थिति में लोगों को मेला क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए विशेष यातायात की व्यवस्था की गई है.

पिछले दिनों मेला क्षेत्र से भारी ट्रैफिक जाम की खबरें आई थीं. इसके बाद 11 फरवरी की सुबह से मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ बना दिया गया था. फिर उसी दिन शाम के 5 बजे से पूरे प्रयागराज शहर को ही ‘नो व्हीकल जोन’ बना दिया गया. अधिकारियों ने आग्रह किया है कि श्रद्धालु नियमों का पालन करें.

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कल्पवासियों के लिए अलग व्यवस्था

पुलिस ने बताया है कि मेला क्षेत्र में रहने वाले 10 लाख कल्पवासियों के लिए अलग से ट्रैफिक व्यवस्था बनाई गई है और उनको सभी जरूरी सूचना दे दी गई है. कल्पवास का अर्थ है- एक निश्चित अवधि के लिए किसी नदी के किनारे रहने, उपवास, आत्म-अनुशासन, आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक शुद्धि का पालन करने की प्रथा.

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित आवास पर मेले की मॉनिटिरिंग के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है. CM योगी वहां से लगातार मेले पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि माघी पूर्णिमा स्नान के लिए आए लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए.

वीडियो: महाकुंभ ट्रैफिक जाम का प्रयागराज के लोगों पर कितना असर?

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