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महाकुंभ में मुलायम सिंह यादव की मूर्ति लगाने पर विवाद, साधू-संतों ने बताया ‘सनातन विरोधी’

Mulayam Singh Yadav statue Maha Kumbh Controversy: महाकुंभ के एक शिविर में 11 जनवरी को मुलायम की मूर्ति का अनावरण किया गया. इस पर संतों ने विरोध जताया है. क्या कहना है उनका?

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मुलायम की प्रतिमा लगाए जाने की आलोचना की है. (फ़ोटो - सोशल मीडिया)

प्रयागराज महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस बीच, मेला क्षेत्र के एक शिविर में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति स्थापित किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. कई संतों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है. इस कदम की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने आलोचना की. अखाड़ा के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव हमेशा से ‘हिंदू विरोधी और सनातन विरोधी’ रहे हैं (Maha Kumbh Mulayam Singh Yadav statue row).

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पुरी ने कहा कि मुलायम सिंह की मूर्ति संतों को ये दिखाने के लिए लगाई गई है कि उन्होंने समुदाय के लोगों की ‘हत्या’ की है. महंत रवींद्र पुरी ने कहा,

हमें मुलायम सिंह की मूर्ति पर कोई आपत्ति नहीं है. वो हमारे मुख्यमंत्री रहे हैं. लेकिन वो (सपा के लोग) इस समय मूर्ति लगाकर क्या संदेश देना चाहते हैं. सभी जानते हैं कि राम मंदिर आंदोलन में उनका क्या योगदान रहा है. वो हमेशा हिंदू विरोधी, सनातन विरोधी और मुसलमानों के पक्षधर रहे हैं.

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जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने भी इस मुद्दे पर महंत रवींद्र पुरी के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के लिए इस कदम की निंदा करना सही है. दरअसल, महाकुंभ मेले में ‘मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान’ की तरफ़ से सेक्टर 16 में शिविर स्थापित किया गया है. इस शिविर में 11 जनवरी को मुलायम की क़रीब दो-तीन फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया गया.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने ये अनावरण किया. उन्होंने 12 जनवरी को बताया,

मुलायम हमारे नेता थे और उनके विचारों को फैलाने के लिए शिविर का आयोजन किया गया. तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों का शिविर में आने, भोजन करने और वहां रहने का स्वागत है. प्रतीकात्मक रूप से मुलायम सिंह यादव की एक छोटी मूर्ति स्थापित की गई है. महाकुंभ के बाद मूर्ति को पार्टी कार्यालय में रखा जाएगा.

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ये पूछे जाने पर कि क्या सपा प्रमुख अखिलेश यादव महाकुंभ मेले में जाएंगे, माता प्रसाद पांडेय ने कहा, 'मैंने इस संबंध में उनसे बात नहीं की है.' पांडेय ने कहा कि उन्होंने 11 जनवरी को संगम में डुबकी लगाई थी और फिर वहां जाएंगे.

बताते चलें, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री और तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. वो 10 बार विधायक चुने गए और सात बार सांसद चुने गए. ज़्यादातर मौक़ों पर मैनपुरी और आजमगढ़ से. 10 अक्टूबर, 2022 को उनका निधन हो गया था.

(न्यूज़ एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)

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