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ट्रेन से गिरी पत्नी, कंधे पर उठाकर मदद की गुहार लगाता रहा पति, GRP वाले कागजों में उलझे रहे

मृत महिला के पति के मुताबिक जब GRP वाले आए तो वो नियम-कानून की बातें करने लगे. जबकि उस समय पत्नी को इलाज की जरूरत थी.

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मृतक शिवानी की 16 अप्रैल को शादी हुई थी (PHOTO-AajTak)

मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शिवपुरी के पास रातौर रोड रेलवे ट्रैक पर 28 मई को एक नई-नवेली दुल्हन चलती ट्रेन से नीचे गिर गई. पता चलते ही पति ने चेन खींचकर ट्रेन को रोका. पति बदहवास होकर अंधेरे में पत्नी को ढूंढता रहा. पत्नी मिली तो बुरी तरह घायल हालत में. बाद में वह जैसे-तैसे पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा. लेकिन तब तक पत्नी की मौत हो चुकी थी.

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क्या है पूरा मामला?

ग्वालियर के रहने वाले एडवोकेट विकास जोशी. 16 अप्रैल को विकास की शादी उरई, उत्तर प्रदेश की रहने वाली शिवानी शर्मा से हुई थी. शिवानी भी एलएलबी की पढ़ाई कर रही थीं. विकास के मुताबिक वह शिवानी को परीक्षा दिलवाने उरई ले गए थे. परीक्षा के बाद मंगलवार को दोनों ग्वालियर लौटे और बुधवार शाम उज्जयिनी एक्सप्रेस ट्रेन से इंदौर के लिए रवाना हुए. विकास इंदौर में वकालत करते हैं और वहीं रहते हैं. 

आजतक से जुड़े पत्रकार प्रमोद भार्गव के मुताबिक दोनों जब ट्रेन से 27 मई की रात इंदौर जा रहे थे, तभी रात के लगभग 9 बजे ट्रेन शिवपुरी रेलवे स्टेशन पहुंची. ट्रेन शिवपुरी से कुछ आगे बढ़ी तो शिवानी को उल्टी आने लगी. वह कोच के दरवाजे पर पहुंच गई और वहीं बैठकर उल्टी करने लगी. इसी बीच शिवानी का पति विकास पानी लेने बाहर गया. जब वह वापस गेट पर आया तो पास खड़े युवक ने बताया कि महिला का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई. यह सुनते ही विकास ने ट्रेन की चेन खींची और तुरंत छलांग लगा दी.

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विकास ने पुलिस को बताया कि जहां शिवानी गिरी, ट्रेन वहां से करीब एक किलोमीटर आगे निकल गई थी. विकास ने अंधेरे में ही अपनी पत्नी की तलाश शुरू की. आखिरकार उसे शिवानी मिली और वो उसे रातौर क्रॉसिंग के पास सड़क पर ले आया. वहां एक कार सवार ने मदद की और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने नहीं की मदद

विकास ने बताया कि घटना की सूचना के बाद भी जीआरपी ने उसकी कोई मदद नहीं की. उसने पहले तो खुद ही अंधेरे में टार्च के सहारे पत्नी को ढूंढता रहा. मिलने के बाद वह खुद ही उसे गोद में लेकर आधी दूरी तक चला. बाद में जीआरपी वाले आए और नियम कानून की बात कर कागजों पर साइन करने के लिए कहा, जबकि उस समय पत्नी को इलाज की जरूरत थी. इसके बाद बड़ी मुश्किल से उसे एक कार वाला मिला और तब वह अस्पताल आ पाया.

इस मामले में विकास ने अपनी पत्नी को खो दिया. साथ ही इस मामले में जीआरपी का लचर रवैया भी सामने आया है. अगर उस रात जीआरपी ने कागजी कार्रवाई की जगह कपल की मदद पर फोकस किया होता तो शायद आज शिवानी जिंदा होती.

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