The Lallantop

कुणाल कामरा को मद्रास हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी

हाल में कुणाल कामरा ने अपने एक शो में महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कह दिया था. इसके बाद उनके खिलाफ तीखी सियासी बयानबाजी हुई. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने हैबिटेट सेंटर में जाकर तोड़फोड़ भी की थी. वहीं मुंबई में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.

Advertisement
post-main-image
कुणाल को कोर्ट से राहत. (तस्वीर : इंडिया टुडे)

कॉमेडियन कुणाल कामरा को मद्रास हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के बाद मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की थी और उन्हें पेश होने का समन जारी किया था. इसके खिलाफ कुणाल कामरा मद्रास हाई कोर्ट पहुंच गए. वहां उन्होंने गिरफ्तारी से पहले ही अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिसे हाई कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने उन्हें बेल बॉन्ड भरने को कहा है. आदेश के मुताबिक 7 अप्रैल तक कुणाल कामरा को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

हाल में कुणाल कामरा ने अपने एक शो में महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कह दिया था. इसके बाद उनके खिलाफ तीखी सियासी बयानबाजी हुई. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने हैबिटेट सेंटर में जाकर तोड़फोड़ भी की थी. इसी जगह कामरा ने वो स्टैंडअप परफॉर्मेंस दी थी जिसमें उन्होंने पैरोडी सॉन्ग गाते हुए डिप्टी सीएम पर विवादित टिप्पणी की थी.

कुणाल कामरा ने बीती 23 मार्च को अपने यूट्यूब चैनल पर 'नया भारत' नाम से इस परफॉर्मेंस का वीडियो डाला था. तब से उन्हें लेकर महाराष्ट्र की सियासत का माहौल बेहद गरम है. 

Advertisement

कुणाल इस समय महाराष्ट्र में नहीं हैं. वो तमिलनाडु में ठहरे हुए हैं. जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील वी सुरेश ने अदालत से कहा कि उनके वीडियो के प्रसारण के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, लिहाजा उन्हें जमानत देकर राहत दी जाए. लाइव लॉ के मुताबिक इस पर मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस सुंदर मोहन ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह लगता है कि कामरा सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र की अदालतों का रुख करने में असमर्थ हैं, इसलिए ये अदालत उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत देने के लिए तैयार है.

कुणाल कामरा तमिलनाडु के विल्लुपुरम के स्थायी निवासी हैं. उनका दावा है कि ये केस मद्रास हाई कोर्ट की न्याय सीमा में आता है. अग्रिम जमानत के लिए जब वो हाई कोर्ट पहुंचे तो 28 मार्च की सुबह ही उनके केस पर सुनवाई हुई. इस दौरान कामरा खुद कोर्ट में मौजूद थे.

वीडियो: भोजपुरी को अश्लील न कहें, वकील पर बुरा भड़के जज

Advertisement

Advertisement