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इंडिगो पर DGCA का बड़ा एक्शन, जांच में मिलीं खूब खामियां, 22 करोड़ का लगा जुर्माना

DGCA Action On Indigo: बीते महीने देश के लाखों यात्रियों के परेशानी का सबब बनने वाली देश सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो पर सरकार ने 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. DGCA के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में उड़ानों का रद्द और लेट होना यात्रियों के लिए भारी परेशानी का कारण बना. अब जांच हुई तो सब सामने आया.

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इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल और देरी की वजह से अफरातफरी का माहौल बन गया था (PHOTO-X)

इंडिगो एयरलाइंस पर जुर्माना ठोका गया है. एविएशन रेगुलेटर (DGCA) की जांच में पता चला है कि क्रू से ज्यादा काम करवाने, कमजोर प्लानिंग और ड्यूटी टाइम के बदले हुए नियमों को ठीक से लागू न करने की वजह से बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स में देरी हुई और वे कैंसिल हुईं. इसके लिए इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

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जांच में क्या पता चला?

जांच में पता चला है कि एयरलाइन के मैनेजमेंट ने एक ओवर-ऑप्टिमाइज्ड ऑपरेशनल मॉडल अपनाया था. इसमें कम से कम संसाधन का इस्तेमाल करके अधिक से अधिक काम करवाने की व्यवस्था की गई थी. इसमें क्रू, एयरक्राफ्ट और नेटवर्क रिसोर्स का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दी गई. नतीजा ये हुआ कि रुकावटों को संभालने के लिए बहुत कम गुंजाइश बची और कुल मिलाकर एयरलाइन की ऑपरेशनल क्षमता एक तरीके से ध्वस्त हो गई. जांच में पाया गया कि क्रू रोस्टर को तय समय को अधिक से अधिक करने के लिए ही डिजाइन किया गया था. इससे रोस्टर की क्षमताएं सीमित हो गईं थी. और जब कोई रुकावट आती थी तो रिकवरी के ऑप्शन सीमित हो जाते थे.

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जांच टीम ने कहा कि एयरलाइन ने सारे संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर फोकस किया. ये करने से सिस्टम में कमजोरियां आईं और वो बढ़ती गईं. लिहाजा ऑपरेशंस में लगातार देरी हुई और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल हुईं. 

सीनियर मैनेजमेंट पर गिरी गाज

DGCA ने इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट की पूरी देखरेख में कमी के लिए चेतावनी दी है. साथ ही अकाउंटेबल मैनेजर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) को रिवाइज्ड Flight Duty Time Limitations (FTDL) के प्रावधानों के असर का आकलन करने में नाकाम रहने के लिए चेतावनी दी गई है. FTDL ये सुनिश्चित करता है कि पायलटों और बाकी क्रू से तय समय से अधिक काम न करवाया जाए. मकसद होता है कि किसी भी हाल में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो.

इसके अलावा ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की देखरेख करने वाले सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को भी चेतावनी दी गई है. इतना ही नहीं, उन्हें उनकी मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने का भी निर्देश दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया कि सिस्टमैटिक प्लानिंग और समय पर लागू करने में नाकाम रहने के कारण उन्हें कोई भी जिम्मेदार पद न दिया जाए.

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22.20 करोड़ रुपये के जुर्माने के अलावा, इंडिगो को रेगुलेटरी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और लंबी अवधि में सिस्टम में सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया गया है.

वीडियो: इंडिगो एयरलाइंस पर लगे जुर्माने पर कंपनी ने क्या जवाब दिया?

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