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भारत ने लिख दी बड़ी डील की स्क्रिप्ट, यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष बोलीं- 'ये है मदर ऑफ ऑल डील्स'

European Commission की प्रेसिडेंट Ursula von der Leyen भारत आ रही हैं. EU और भारत के बीच गणतंत्र दिवस के दूसरे दिन यानी 27 जनवरी को एक बहुत बड़ी डील साइन होने जा रही है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा गया है. प्रेसिडेंट उर्सला वॉन डर लेयेन ने अब खुद इसके बारे में जानकारी दी है.

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यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सला वॉन डर लेन के साथ पीएम मोदी (PHOTO-X)

26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर यूरोपियन कमीशन (European Commission) की प्रेसिडेंट उर्सला वॉन डर लेयेन (Ursula von der Leyen) मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रही हैं. उनकी इस यात्रा के दौरान भारत और यूरोप के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) की चर्चा जोरों पर है. कहा जा रहा है कि उनकी यात्रा के दौरान एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक डील संभव है. उन्होंने अपनी भारत यात्रा से पहले एक बयान दिया है जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील लगभग फाइनल है. बस यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट के भारत आने और डील पर औपचारिक मुहर लगने की देर है.

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यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सला वॉन डर लेयेन का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ भारत की लंबे समय से अटकी ट्रेड डील पर अनिश्चितता बनी हुई है. साथ ही ग्रीनलैंड को लेकर EU पर ऊंचे टैरिफ लगाने की अमेरिका की नई धमकियों और पिछले अगस्त 2025 से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद से यूरोपीय नेता की इस यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है.

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स्विट्जरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण में प्रेसिडेंट उर्सला वॉन डर लेयेन ने कहा,

दावोस के ठीक बाद, अगले वीकेंड मैं भारत जाऊंगी. अभी भी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट करने की कगार पर हैं. कुछ लोग इसे सभी डील्स की मां कहते हैं. ये एक ऐसा एग्रीमेंट है जो दो अरब लोगों का मार्केट बनाएगा, जो दुनिया की कुल GDP का लगभग एक चौथाई होगा, और सबसे जरूरी बात यह है कि यह यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे डायनामिक महाद्वीपों में से एक के साथ फर्स्ट मूवर एडवांटेज देगा.

उन्होंने कहा कि यूरोप इस सदी के ‘ग्रोथ सेंटर्स’ और आर्थिक पावरहाउस के साथ बिजनेस करना चाहता है. वो लैटिन अमेरिका से लेकर इंडो-पैसिफिक तक व्यापार चाहता है. उन्होंने कहा कि यूरोप हमेशा दुनिया को चुनेगा और दुनिया यूरोप को चुनने के लिए तैयार है. इसके साथ ही उन्होंने EU पर प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ की आलोचना भी की.

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बता दें कि इस गणतंत्र दिवस पर उर्सला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे. वे 27 जनवरी को 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे.

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