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सेक्शुअल रिलेशन के बाद कुंडली के बहाने शादी से मुकरना क्राइम है या नहीं? HC ने साफ कर दिया

कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान दोनों के बीच के वॉट्सऐप चैट का भी संज्ञान लिया. इसमें दोषी शख्स ने महिला को यह भरोसा दिलाया था कि उनकी 'कुंडली मैच' कर रही है, जिससे उनकी शादी में अब कोई अड़चन नहीं आएगी.

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शादी का झांसा देकर फिजिकल रिलेशन बनाना और कुंडली न मिलने पर शादी से मना करना अपराध. (फोटो- Unsplash.com)

शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाना और फिर ‘कुंडली’ न मिलने की वजह से शादी करने से इनकार करना अपराध है. दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान ये अहम टिप्पणी की. अदालत ने एक युवक को शादी का झांसा देकर लड़की से फिजिकिल रिलेशन बनाने का दोषी पाया है.

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हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा IPC की धारा 376 और BNS की धारा 69 के तहत दर्ज रेप केस की सुनवाई कर रही थीं. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा, 'कुंडली नहीं मिलने के आधार पर शादी से इनकार करना, जबकि इसके लिए पहले से भरोसा दिलाया गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के व्यक्तित्व पर प्रश्न खड़ा करता है. ऐसा करना BNS की धारा 69 के तहत अपराध है, जो मुख्य तौर पर धोखे या शादी का झांसी देकर सेक्शुअल रिलेशन के संबंध से जुड़ा है.'

कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान दोनों के बीच के वॉट्सऐप चैट का भी संज्ञान लिया. इसमें दोषी शख्स ने महिला को यह भरोसा दिलाया था कि उनकी 'कुंडली मैच' कर रही है, जिससे उनकी शादी में अब कोई अड़चन नहीं आएगी. चैट में युवक की ओर से एक मैसेज भेजा गया था, जिसमें लिखा था, 'हम कल ही शादी कर रहे हैं.'

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पीड़िता ने यह भी दावा किया कि इससे पहले उसने अपनी एक शिकायत को वापस ले लिया था. क्योंकि लड़के के घर वाले शादी के लिए मान गए थे, लेकिन बाद में 'कुंडली न मिलने' की वजह से शादी से इनकार कर दिया गया.

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सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी तो दोषी पाया. साथ ही उसकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया.

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