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नौसेना क्लर्क को पैसों की थी जरूरत, लेडी ISI एजेंट ने किया संपर्क, पैसे दिए और...

वो पाकिस्तानी महिला थी, जो विशाल के हैंडलर के तौर पर काम कर रही थी. हरियाणा का रहने वाला विशाल यादव नौसेना मुख्यालय में क्लर्क है. उसे राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने गिरफ्तार किया है.

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आरोपी विशाल यादव नौसेना मुख्यालय में क्लर्क है

दिल्ली स्थित नौसेना मुख्यालय (Spy in Naval Headquarters) से एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. विशाल यादव नाम के इस व्यक्ति पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए कई सालों से जासूसी करने का आरोप है. यहां तक ​​कि उस पर मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भी जासूसी करने का आरोप है.

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक विशाल यादव के मोबाइल से मिले डेटा से पता चला है कि उसने इंडियन नेवी और दूसरी डिफेंस यूनिट्स से जुड़ी गोपनीय जानकारी एक महिला को मुहैया कराई. वो पाकिस्तानी महिला थी और उसके हैंडलर के तौर पर काम कर रही थी. हरियाणा का रहने वाला विशाल यादव नौसेना मुख्यालय में क्लर्क है. उसे राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने गिरफ्तार किया है.

एनडीटीवी से बात करते हुए एक सीनियर पुलिस अधिकारी विष्णुकांत गुप्ता ने बताया

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राजस्थान की सीआईडी ​​इंटेलिजेंस यूनिट लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की जासूसी गतिविधियों पर नजर रख रही थी. निगरानी के दौरान विशाल यादव पर नजर पड़ी, जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एक महिला हैंडलर के संपर्क में था.

अधिकारी ने बताया कि खुद को प्रिया शर्मा बताने वाली यह महिला विशाल को तमाम तरह की गोपनीय जानकारी निकालने के लिए पैसे दे रही थी. शुरुआती जांच में पता चला है कि विशाल यादव ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और उसे अपने नुकसान की भरपाई के लिए पैसों की जरूरत थी. पुलिस के मुताबिक उसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अकाउंट और बैंक खातों के जरिए आईएसआई हैंडलर पैसे भेज रही थी.

(यह भी पढ़ें: जासूसी के आरोप में एक और यूट्यूबर अरेस्ट, तीन बार गया पाकिस्तान, ज्योति मल्होत्रा से कनेक्शन)

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विशाल यादव से जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र में कई खुफिया एजेंसियां ​​संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां ​​यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेक्सस में और कौन-कौन शामिल है और कितनी संवेदनशील जानकारी अब तक लीक हो चुकी है. इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर जासूसी गिरोह द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल की बात सामने आई है. ये पाकिस्तान का पुराना पैटर्न है. वो किसी महिला के जरिए भारत में बैठे लोगों से जानकारी निकलवाते रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहें. अगर ऐसा कुछ होता है तो तुरंत इसे रिपोर्ट करें.

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