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बेरोजगारों को 'कॉकरोच' बताने पर सफाई, CJI ने बताया किसके लिए कही थी ये बात?

सीजेआई के बयान पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक हर जगह जमकर बहस हुई. इस पर विवाद भी हुआ. सीजेआई का सम्मान करते हुए तमाम लोगों ने उनके इस बयान से असहमति भी जताई.

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सीजेआई के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच बताने पर विवाद. (फोटो- India Today)

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  • चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने बेरोजगार युवाओं की आलोचना नहीं की बल्कि फर्जी डिग्रियों से वकालत और अन्य पेशों में घुसपैठ करने वालों को 'परजीवी' बताया।
  • CJI के बयान की जोधना एक वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई, जिसमें उस वकील ने सीनियर एडवोकेट बनने की मांग की और कोर्ट में आक्रामक अपील की थी।
  • सीजेआई सूर्यकांत ने मामले में सफाई दी है और कहा है कि वे युवाओं का सम्मान करते हैं तथा उन्हें विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखते हैं।

बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ बताने वाले बयान पर सीजेआई सूर्यकांत की सफाई आई है. उन्होंने कहा कि एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने जो टिप्पणी की थी, उसे गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना नहीं की थी बल्कि उन लोगों को ‘परजीवी’ बताया था जो फर्जी डिग्रियों के सहारे वकालत के पेशे में घुस आए हैं. ये लोग मीडिया और सोशल मीडिया जैसे दूसरे सम्मानित पेशों में भी घुस चुके हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने ये भी कहा कि देश के युवाओं के लिए उनके मन में काफी सम्मान है और वो उन्हें भारत की मजबूत नींव मानते हैं. 

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सीजेआई के बयान पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक हर जगह जमकर बहस हुई. इस पर विवाद भी हुआ. सीजेआई का सम्मान करते हुए तमाम लोगों ने उनके इस बयान से असहमति भी जताई. अब शनिवार, 16 मई को सीजेआई ने इस पर सफाई दी है. उन्होंने कहा, 

मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया.मैंने खासतौर पर उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में घुस आए हैं. ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और इसलिए वो परजीवियों की तरह हैं. 

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सीजेआई ने आगे कहा कि ये कहना पूरी तरह से बेबुनियाद है कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना की. उन्हें देश का हर युवा प्रेरित करता है और वह उनका बेहद आदर भी करते हैं. सीजेआई का कहना है कि वह युवाओं को विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखते हैं. 

सीजेआई ने क्या कहा था?

बता दें कि बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच बताने वाला चीफ जस्टिस सूर्यकांत का कॉमेंट एक वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें वह अपने आपको सीनियर एडवोकेट घोषित करने की मांग कर रहा था. वकील ने कोर्ट में अपनी इस मांग को लेकर ऐसी ‘आक्रामक’ अपील की कि CJI नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई जगह. उनमें से कुछ मीडिया, सोशल मीडिया, RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं. CJI ने आगे कहा कि ये 'परजीवी' (parasites) समाज का हिस्सा हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं.

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