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मूवी रिव्यू: गदर

इस फिल्म की मूल आत्मा ऐक्शन नहीं, बल्कि प्रेम है. इसे सनी देओल, सनी देओल, अमरीश पुरी और सनी देओल के लिए देखा जाना चाहिए.

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साल था 2001. तीन हज़ार लोग सिनेमा के बाहर इकट्ठे हुए, बोले: "अभी पिक्चर दिखाओ, नहीं तो थिएटर तोड़ देंगे." ये पिक्चर थी सनी देओल की 'गदर : एक प्रेम कथा'. पूरा किस्सा आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं. अपन असली मुद्दे पर आ धमकते हैं. ‘गदर 2’ से पहले 'गदर' रिलीज हुई है. अभी मेकर्स का ये एक तरह का पायलट प्रोजेक्ट है. इसे लिमिटेड थिएटर्स में रिलीज किया गया है. बढ़िया माहौल जमने पर स्क्रीन्स बढ़ाई जाएंगी. खैर जो भी हो, हमने 'गदर' देख ली है. आपको बताते हैं कि फ़िल्म कैसी लगी? देखें वीडियो. 

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