The Lallantop

इंडिया की सबसे मशहूर पॉलिटिकल डेथ पर बन रही है फिल्म

तीन साल की रिसर्च और जनता से जानकारी लेने के बाद बनी है ये फिल्म.

Advertisement
post-main-image
नसीरुद्दीन शाह, मिथुव चक्रवर्ती और पंकज त्रिपाठी स्टारर इस फिल्म को विवेक अग्निहोत्री डायरेक्ट कर रहे हैं.
पॉलिटिकल फिगर्स पर बेस्ड फिल्मों का मौसम या यूं कहें दौर चल रहा है. पिछले कुछ समय में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (दी एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर), बाल ठाकरे (ठाकरे), एन.टी.आर. रामा राव (एन.टी.आर. कथानायकुडू), वाय.एस. राजशेखर रेड्डी (यात्रा), जयललिता (दी आयरन लेडी) से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीएम नरेंद्र मोदी) की जीवनी पर्दे पर या तो उतारी जा चुकी है, या तैयारी चल रही है. कुछ को प्रोपगैंडा कहा गया, तो कुछ को रियलिस्टिक माना गया और जनता ने भी खूब पसंद किया. अब एक और फिल्म आ रही है, जिसका नाम है 'दी ताशकंद फाइल्स'. ये फिल्म है भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ऊपर. फिल्म का पोस्टर आ गया है. इस फिल्म से जुड़े बाकी क्यों? कौन? कब? जैसे सवालों के जवाब आप नीचे जानेंगे.
1) सबसे पहले क्यों? लाल बहादुर शास्त्री अपने जीवन और कार्यकाल दोनों में ही काफी सराहनीय रहे हैं. लेकिन गले की फांस बना इंडिया-पाकिस्तान वॉर, जो अप्रैल 1965 से सितंबर 1965 तक दोनों देशों के बीच चलता रहा. इसे सुलझाया जाना था ताशकंद अग्रीमेंट के तहत. 4 से 10 जनवरी, 1966 तक चलने वाली इस मीटिंग में लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान के बीच सोविएत संघ मध्यस्थता कर रहा था. तब वहां के प्रीमियर थे एलेक्सी कोसिजिन. इस मीटिंग का मकसद ये था कि इंडिया-पाकिस्तान के बीच समझौता हो जाए और युद्ध की स्थिति खत्म हो. इस वॉर में एक-दूसरे की छीनी या हथियाई गईं जमीनें भी वापस की जानी थीं.
ताशकंद डेक्लेरेशन के दौरान लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान.
ताशकंद डेक्लेरेशन के दौरान लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान.

2) इस अग्रीमेंट साइन होने की ही रात 2 बजे ताशकंद में शास्त्री जी की मौत हो गई. लाल बहादुर शास्त्री की मौत को लेकर तरह-तरह की थ्योरीज़ चलीं बावजूद इसके कुछ साफ नहीं हो पाया. कुछ लोगों का मानना था कि शास्त्री जी को जहर दे दिया गया है और कुछ लोगो मौत का कारण हार्ट अटैक बता रहे थे. भारत सरकार ने उनकी मौत से जुड़े मामले पर कोई जानकारी नहीं दी. साथ ही उनकी मौत से जुड़े डॉक्यूमेंट भी इंटरनेशनल रिलेशन के खराब होने की बात कहकर डिक्लासीफाई (आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया) नहीं किए गए.
शास्त्री जी की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को हिंदुस्तान भेजा जाता हुआ.
शास्त्री जी की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को हिंदुस्तान लाया जाता. 

3) इस फिल्म को बना रहे हैं विवेक अग्निहोत्री. विवेक अपने विवादास्पद बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. 2005 में आई फिल्म 'चॉकलेट' से अपना करियर शुरू करने वाले विवेक ने आगे 'दन दना दन गोल' (2007), 'हेट स्टोरी' (2012), 'बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम' (2016) जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं.
आए दिन विवेक लगातार पॉलिटिकल वाद-विवाद में शामिल रहते हैं.
आए दिन विवेक लगातार पॉलिटिकल वाद-विवाद में शामिल रहते हैं.

4) विवेक की टीम इस फिल्म पर पिछले तीन साल से रिसर्च का काम कर रही थी. जनवरी, 2018 में विवेक ने अपनी फिल्म अनाउंस की. इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर मौजूद लोगों से शास्त्री जी से जुड़ी जानकारी मांगी. इसे क्राउड सोर्सिंग कहते हैं. विवेक का मानना है कि ये एक पॉलिटिकल आदमी के ऊपर बनी 'अपॉलिटिकल' (Apolitical) फिल्म होगी.
फिल्म में नसीरुद्दीन शाह लाल बहादुर शास्त्री के रोल में दिखाई देंगे.
फिल्म में नसीरुद्दीन शाह लाल बहादुर शास्त्री के रोल में दिखाई देंगे.

5) इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह (सरफरोश, डर्टी पिक्चर), मिथुन चक्रवर्ती (डिस्को डांसर, अग्निपथ), पंकज त्रिपाठी (मसान, न्यूटन), विनय पाठक (भेजा फ्राई, बदलापुर), मंदिरा बेदी (दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, इत्तेफ़ाक), प्रकाश बेलावाड़ी (एयरलिफ्ट, तलवार) और श्वेता बासु प्रसाद (मकड़ी, बद्रीनाथ की दुल्हनिया) जैसे एक्टर्स काम कर रहे हैं. फिल्म का पहला पोस्टर 19 मार्च को लॉन्च करते हुए फिल्म की रिलीज़ डेट अनाउंस की गई. 'दी ताशकंद फाइल्स', नरेंद्र मोदी की बायोपिक (5 अप्रैल) के ठीक अगले हफ्ते यानी 12 अप्रैल को रिलीज़ होगी.


वीडियो देखें: 48 साल पहले अमिताभ बच्चन को पेट्रोल पंप पर जाकर स्टारडम का एहसास हुआ था

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement