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'द केरला स्टोरी' फिल्म पर बवाल हो गया, केरल के नेता बैन करवाना चाहते हैं, वजह क्या है?

फिल्म एक आंकड़े का दावा करती है, उसी पर सारा बवाल खड़ा हो गया है.

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फिल्म के खिलाफ केरल पुलिस ने शिकायत भी दर्ज की है.

बीती तीन नवंबर को एक हिंदी फिल्म का टीज़र आया, ‘द केरला स्टोरी’. टीज़र आने के बाद से ही फिल्म पर हो-हल्ला हो रहा है. जो थमने का नाम नहीं ले रहा. एक मिनट लंबे टीज़र में एक्ट्रेस अदा शर्मा नज़र आती हैं. बुर्का पहने. उनके किरदार का नाम है शालिनी उन्नीकृष्णन. वो कहती है कि नर्स बनकर इंसानियत के लिए कुछ करना चाहती थी. लेकिन अब वो फातिमा बा है, एक ISIS की आतंकवादी. वो कहती है कि अब वो अफगानिस्तान जेल में है. आगे बताती है कि वो यहां अकेली नहीं. उसके मुताबिक 32,000 लड़कियों का धर्मांतरण कर उन्हें सीरिया और यमन जैसे देशों में भेजा गया है. 

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अदा का किरदार कहता है कि केरल में लड़कियों का खुलेआम धर्मांतरण कर उन्हें इस्लामी देशों में भेजा जा रहा है. वो बताती है कि ये सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि 32,000 लड़कियों की कहानी है. मेकर्स ‘द केरला स्टोरी’ को वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्म बता रहे हैं. फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने ट्वीट किया,

पिछले पांच सालों से शालिनी, गीतांजलि, निमाह और आसिफ़ा ने मेरी ज़िंदगी पर छाप छोड़ी है. मुझे उनकी कहानी बताने पर मजबूर किया. जल्द ही आप ऐसी फिल्म देखेंगे जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. 

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मेकर्स का दावा है कि उन्होंने अपनी कहानी को इन्हीं पांच औरतों की कहानी पर आधारित किया है. केरल की एक महिला अपने पति के साथ देश छोड़कर अफगानिस्तान चली गई थीं. वहां दोनों ने आतंकी ग्रुप ISIS जॉइन कर लिया. दोनों पकड़े गए और अब वहां की जेल में हैं. गिरफ्तार हुई महिला की मां का कहना है कि ‘द केरला स्टोरी’ के मेकर्स उनके पास आए थे. वो उनकी बेटी की कहानी पर फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन उन्होंने मना कर दिया. टीज़र में जो दावे किए गए वो सच हैं या नहीं, अब इसपर विवाद हो गया है. 

केरल से कांग्रेस नेता VD सतीसन का कहना है कि ये फिल्म केरल की छवि खराब करती है. उनके मुताबिक फिल्म को बैन कर देना चाहिए क्योंकि ये नफरत फैलाती है. आगे कहा,
मैंने टीज़र देखा है. ये गलत जानकारी का एक क्लियर केस है. केरल में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है. ये दूसरे राज्यों के सामने केरल के छवि खराब करता है. ये फिल्म नफरत फैलाती है, इसलिए इसे बैन कर देना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि आमतौर पर वो फिल्मों को बैन करने के समर्थक नहीं. लेकिन ऐसी गलत जानकारी से सांप्रदायिक मसले हो सकते हैं. टीज़र में दावा किया गया था कि 32,000 लड़कियों का धर्मांतरण कर उन्हें इस्लामी देशों में भेजा गया है. सतीसन ने कहा कि राज्य पुलिस के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं. अगर सेंट्रल इंटेलिजेंस के पास ऐसा कोई डाटा है, तो वो पब्लिक में रिलीज़ करें. फिल्म बनाने वालों ने भी इस बात पर पूरी तरह से रोशनी नहीं डाली कि 32,000 का आंकड़ा आया कहां से. 

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तमिलनाडु के पत्रकार BR अरविंदक्षण ने केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के ऑफिस को लेटर लिखा. जिसमें उन्होंने फिल्म के टीज़र में किए गए दावों की जांच हेतु मांग की. द न्यूज़ मिनट की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टीफिकेशन (CBFC) के अध्यक्ष प्रसून जोशी को भी लेटर की कॉपी भेजी है. मांग की है कि जब तक मेकर्स अपने दावे का सबूत नहीं पेश करते, तब तक फिल्म को बैन कर दिया जाए. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि केरल के मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायत पर फौरन राज्य पुलिस को तलब कर दिया. 

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) ने तिरुवनंतपुरम कमिशनर को फिल्म की टीम के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. उनके मुताबिक फिल्म ये दर्शाने की कोशिश कर रही है कि केरल आतंकवादियों का घर है. फिल्म को लेकर चल रहे विवाद और आलोचना के बीच सुदीप्तो लगातार हिम्मत ले कोट शेयर कर रहे हैं. जैसे जितना मुश्किल संघर्ष होगा, जीत उतनी शानदार होगी. 

‘द केरला स्टोरी’ के खिलाफ केरल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है. अब वो फिल्म से जुड़े लोगों को सवाल-जवाब के लिए कब बुलाएंगे, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है.              

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