


हमको लगा सोनाक्षी को वैभव-लक्ष्मी व्रत का उद्यापन करना होगा. तभी संडे सुबह 9:30 बजे से लाली लगा के बैठी हैं. पर इनको करनी है पार्टी एक नाबालिग के साथ. नाबालिग अभी खाने-खेलने की उम्र में है. 

असल में प्लान था कि सोनाक्षी पूरे गाने में रैप करेंगी. पर रैप का पहला, वो क्या कहते हैं, 'पद' सुनते ही गाना बनाने वालों ने तय किया कि ऑटोट्यून करना ही बेहतर रहेगा. वरना इतने बड़े देश में सोनाक्षी का गाना सुनवाने के लिए किस-किस को किडनैप करते फिरेंगे. बाय द वे, गाने में सोनाक्षी खुद को 'असली सोना' मानती हैं. 

'रैप' शायद छूत की बीमारी है. क्योंकि 6 महीने पहले सोनाक्षी 'देसी कलाकार' में हनी सिंह के साथ घर छोड़ के भागी थीं. अगर उसी गाने में महाराज यो-यो ने इन्हें गाने को दो-चार लाइनें दे दी होतीं तो आज ये नौबत न आती.


















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