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संजय दत्त बोले- "देश में पहले जैसी शांति नहीं", विवाद होने पर क्या सफाई देने लगे?

बातचीत के दौरान संजय दत्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कस दिया.

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संजय दत्त 'शेखर टुनाइट' के गांधी जयंती एपिसोड में गए थे.

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  • संजय दत्त ने शेखर सुमन के शो में कहा कि उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती, जो गांधीगिरी के संदेश को उजागर करने वाला एक स्क्रिप्टेड संवाद था।
  • संजय के बयान पर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई, जिसके कारण उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी समुदाय या व्यक्ति का अपमान करने का प्रयास नहीं थी।
  • इस विवाद के बाद संजय ने अपनी बातों का संदर्भ समझाने के लिए माफी मांगी, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकने के साथ आगे विवादों से बचाव की कोशिश हुई।

Sanjay Dutt एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं. Shekhar Suman के शो पर उन्होंने कहा कि उन्हें देश में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती. संजय के इस बयान पर इतना हो-हल्ला मचा कि उन्हें लोगों से माफ़ी मांगनी पड़ गई. अपनी सफ़ाई में उन्होंने कहा कि ये स्टेटमेंट एक स्क्रिप्टेड बातचीत के दौरान आया था. इसके जरिए वो केवल गांधीगिरी का संदेश देना चाहते हैं.

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संजय हाल ही में शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टुनाइट' के गांधी जयंती एपिसोड पर गए थे. चूंकि वो 'लगे रहो मुन्ना भाई' में गांधीगिरी पर बात कर चुके हैं, इसलिए यहां भी उनसे इसी विषय पर चर्चा हुई. बातचीत के दौरान उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय रखते हुए कहा,

"इस देश की जनता बहुत प्यारी है. यहां शांति होनी चाहिए. लेकिन अब मुझे अपने देश में वो शांति महसूस नहीं होती. हम भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज़ लोग हैं. हमने हमेशा दूसरों को बहुत कुछ दिया है और हमें आगे भी ऐसा ही बने रहना चाहिए. मैं बस शिवजी से प्रार्थना करता हूं कि वो समय जल्दी आए."

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संजय ने ये बात कह तो दी, मगर सोशल मीडिया पर हल्ला मच गया. लोग इस बयान पर उनकी खूब आलोचना करने लगे. ऐसे में उन्हें सफाई देनी पड़ गई. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए संजय लिखते हैं,

"मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है. मेरी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था. इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी. ये विशेष रूप से गांधीगिरी की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया."

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संजय दत्त की सफाई.

संजय ने इस इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा था. दरअसल, शो के आखिरी हिस्से में उनसे कहा गया कि वो पांच मिनट के लिए खुद को देश का प्रधानमंत्री मानकर जनता से कुछ कहें. इस पर वो तुरंत अपने मुन्ना भाई वाले स्टाइल में बोलने लगे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनकर बहुत खुशी हो रही है और अब इतने बड़े देश की जिम्मेदारी उनके ऊपर है. अगले ही पल उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज किया. संजय ने कहा कि वो अपनी नई जिम्मेदारी की खुशी मनाने विदेश नहीं जाएंगे. बल्कि देश में ही अपने लोगों के बीच रहेंगे क्योंकि प्रधानमंत्री और जनता के बीच कनेक्शन होना जरूरी है.

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