चीन में विरोध हो रहा है. वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक नीति के खिलाफ. बागी अपनी आवाज़ को एक करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं एक हिंदी गाने का. मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘डिस्को डांसर’ का गाना ‘जिमी जिमी’ चीन में अचानक से फट पड़ा है. शी जिनपिंग की ज़ीरो कोविड पॉलिसी का विरोध करने वाले लोग अपने वीडियोज़ बना रहे हैं. ‘जिमी जिमी’ गाना गाते हुए. इस गाने ने वहां अचानक से तूल कैसे पकड़ लिया, वो बताते हैं.
मिथुन का 40 साल पुराना गाना, चीन में बागियों के काम आ रहा है
लोगों ने गाने का मतलब गलत समझा, लेकिन इस्तेमाल सही किया. अब लाखों रील्स में नज़र आ रहा है ये गाना.


बीती मई से चीन में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए शी जिनपिंग ने ज़ीरो कोविड पॉलिसी लागू की. इसके तहत बड़ी संख्या में कोरोना टेस्ट शुरू हुए. सख्त नियमों के साथ लॉकडाउन लगाए गए. लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया. ज़रूरत की चीज़ों से भी उन्हें दूर रखा जा रहा है. फिर चाहे वो मेडिकल फैसिलिटी हो या खाने-पीने का सामान. इसी मसले पर वहां के लोग बिगड़े हुए हैं. सरकार की इस नीति के खिलाफ अपना विरोध कैसे दर्ज करवाएं? उसी के लिए उन्होंने मिथुन के ‘जिमी जिमी आजा आजा’ गाने का इस्तेमाल किया. ट्विटर पर चीन के लोगों के कई वीडियो घूम रहे हैं. जहां इस गाने को सुना जा सकता है.
आप जितने भी वीडियोज़ देखेंगे तो पाएंगे कि लोगों के हाथ में बर्तन हैं. कुछ खाली तो बाकियों में चावल दिखेंगे. इसके पीछे भी एक लॉस्ट इन ट्रांसलेशन टाइप कहानी है. दरअसल, चीन में मैंडरिन आम बोलचाल की भाषा है. उस भाषा के दो शब्द हैं, Jie Mi (जी मी). इनका मतलब होता है, ‘मुझे चावल दो’. चीन के लोग बुनियादी संसाधन पाने को जूझ रहे हैं. उन्होंने मिथुन की फिल्म के गाने को अपनी ज़रूरत दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया. कि हमें चावल दीजिए. हमें खाने-पीने की चीज़ों से भी वंचित रखा जा रहा है. चीन का अपना टिकटॉक है, Douyin के नाम से. उसी प्लेटफॉर्म पर ये वीडियो बनाकर शेयर किए जा रहे हैं.
विरोध करने वाले लोगों ने भले ही ‘जिमी जिमी’ गाने का अर्थ उल्टा समझ लिया हो. फिर भी ये उनकी आवाज़ को मज़बूत करने के काम आ रहा है. 'जिमी जिमी' 1982 में आई 'डिस्को डांसर' का गाना है. पार्वती खान की आवाज़ पर इसके लिए म्यूज़िक दिया था बापपी लाहिड़ी ने. किम और मिथुन चक्रवर्ती पर गाने को फिल्माया गया. चीन में ‘डिस्को डांसर’ के इस गाने का अचानक पॉपुलर हो जाना हैरानी की बात नहीं. पिछले कुछ सालों से हिंदी सिनेमा ने वहां की ऑडियंस में अच्छा मार्केट पाया है. बाकी ‘जिमी जिमी’ के लिए हम चीन वालों का ही ज़िक्र क्यों करे. सत्तर और अस्सी के दशक में हिंदी फिल्मों का सोवियत यूनियन में अलग ही क्रेज़ था. ‘डिस्को डांसर’ वहां इतनी चली कि सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली विदेशी फिल्म बन गई. सोवियत संघ के भले ही टुकड़े हो गए. लेकिन आज भी रूस के लोग ‘डिस्को डांसर’ के गानों को याद करते हैं और गुनगुनाते हैं.
वीडियो: जब मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल काट दिए
















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