Kajol की नई सीरीज़ आ रही है Trial- Pyaar, Kaanoon, Dhokha. वो इस शो के प्रमोशन में व्यस्त हैं. इसी सिलसिले में एक इंटरव्यू के दौरान कह दिया कि हमारे नेता लोग पढ़े लिखे नहीं हैं. इसलिए हमारे देश में तेज़ी से बदलाव नहीं आ पा रहा. हमारे सोचने-समझने का तरीका नहीं बदल पा रहा. काजोल का इतना कहना था कि सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई. लोग उन्हें स्कूल ड्रॉप आउट, दसवीं फेल और पता नहीं क्या-क्या कहने लगे. हालांकि अब काजोल ने अपने उस बयान के लिए माफी मांग ली है. उन्होंने इस बाबत ट्वीट करते हुए लिखा-
काजोल बोलीं, हमारे नेता पढ़े लिखे नहीं हैं, पब्लिक ने उन्हें ही दसवीं फेल बुलाना शुरू कर दिया
काजोल ने कहा कि हमारे देश की विकास की गति धीमी है. क्योंकि नेता लोगों के पास विज़न नहीं है. जनता ने उन्हें बुरी तरह ट्रोल कर दिया. काजोल को माफी मांगनी पड़ी.


“मैं सिर्फ शिक्षा के महत्व की बात कर रही थी. मेरी मंशा किन्हीं राजनीतिक नेताओं को नीचा दिखाने की नहीं थी. हमारे पास कुछ कमाल के नेता हैं, जो देश को सही रास्ते पर लेकर जा रहे हैं.”
# Kajol ने ऐसा क्या बोल दिया, जो उन्हें माफी मांगनी पड़ी?
काजोल बेसिकली एक इंटरव्यू में बता रही थीं कि इंडिया के विकास की गति इतनी कम क्यों है. या हमारे थॉट प्रोसेस इतनी रूढ़ीवादी या पारंपरिक क्यों है. इस मसले पर बात करते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा-
"भारत जैसे देश में बदलाव की गति इतनी धीमी इसलिए है क्योंकि हम अभी भी अपनी परंपराओं में धंसे हुए हैं. और ज़ाहिर तौर पर इसके तार हमारी शिक्षा से जुड़े हुए हैं. जो हमारे नेता लोग हैं, वो पढ़ाई-लिखाई वाले बैकग्राउंड से नहीं आते. माफ करिएगा, मगर मुझे ये कहना पड़ेगा."
जैसे ही काजोल का ये बयान आया, लोग उन्हें लेफ्ट-राइट-सेंटर ट्रोल करने लगे. कहा जाने लगा कि ये सब कहके काजोल ने खुद को 'एक्सपोज़' कर दिया. उनकी विकीपीडियो पेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया जाने लगा. जिसमें लिखा है कि काजोल की स्कूली पढ़ाई सेंट जॉसफ कॉन्वेंट स्कूल, पंचगनी (महाराष्ट्र) से हुई. मगर वो कभी कॉलेज नहीं गईं. सिर्फ इतना ही नहीं, काजोल के साथ उनके पति और फिल्म एक्टर अजय देवगन को भी कोसा गया. लोग लिख रहे हैं कि काजोल खुद स्कूल नहीं गईं और उनके पति ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की. ऐसे में काजोल ने देश के नेताओं के कम पढ़े-लिखे होने की बात कैसे कही. आप कुछ ट्वीट्स नीचे पढ़ सकते हैं-
काजोल की तुलना देश के नेताओं से की जा रही है, ये अपने आप में हैरान करने वाली बात है. क्योंकि काजोल का काम एक्टिंग करने का है. लोगों को एंटरटेन करने का है. वहीं नेताओं का काम देश चलाना है. इसके लिए ज़रूरी है कि उन्हें पता हो कि चीज़ें कैसे होती हैं. देश कैसे चलता है, इसका पता कैसे चलेगा. पढ़ाई करके. खराब एक्टर को हम ये कहकर खारिज कर देंगे कि उसे काम नहीं आता. उसकी पिक्चर नहीं देखेंगे. मगर हमारे यहां नेताओं का चुनाव पांच साल के लिए होता है. एक बार चुन लिया, तो पांच साल उनके साथ ही बिताने पड़ेंगे. चाहे उन्हें अपना काम आता हो, या नहीं. अगर नेताओं को अपना काम नहीं आएगा, तो उसका सीधा प्रभाव जनता के ऊपर पड़ेगा. हमारे ऊपर पड़ेगा. वहीं काजोल के नहीं पढ़े-लिखे होने से पब्लिक को कोई लेना-देना नहीं. पिक्चर नहीं चलेगी, तो प्रोड्यूसर को नुकसान होगा. काजोल को काम नहीं मिलेगा.
हालांकि ये बात भी ठीक है कि जिनके खुद के घर शीशे के होते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए.
काजोल की नई सीरीज़ 'ट्रायल- प्यार, कानून, धोखा' 14 जुलाई को डिज़्नी+हॉटस्टार पर रिलीज़ हो रही है. ये अमेरिकी सीरीज़ 'द गुड वाइफ' का इंडियन रीमेक है. काजोल आखिरी बार नेटफ्लिक्स एंथोलॉजी फिल्म ‘लस्ट स्टोरीज़’ के दूसरे सीज़न में नज़र आई थीं.
वीडियो: जनता कह रही है अजय देवगन और काजोल हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार्स हैं, बिटिया न्यासा को हिंदी नहीं आती.






















