सरकार ने बता दिया है, किन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं दी जाएगी
देश में वैक्सीनेशन शुरू होने से पहले सरकार ने नियम जारी किए हैं
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तस्वीर अजमेर की है. जब वैक्सीन वाली पहली गाड़ी यहां आई तो लाल फीता काटा गया. लोग खुश थे. होना भी चाहिए. कोविड-19 की वैक्सीन आई है. (फोटो- PTI)
करीब साल भर होने को आया. अपने देश की बात करें तो 10 महीना करीब. कतई त्राहिमाम मचा दिया कोरोना वायरस ने. अब आख़िरकार 16 जनवरी से देश में कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन शुरू होने को है. देश में दो वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिला है. पहली– ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनका की डेवलप की हुई वैक्सीन ‘कोविशील्ड’. इसे बनाया है पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने. दूसरी– हमारी स्वदेशी वैक्सीन. भारत बायोटेक की डेवलप की हुई ‘कोवैक्सीन’. इमरजेंसी वैक्सीनेशन शुरू होने से 48 घंटे पहले केंद्र सरकार ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसका पालन राज्यों को सुनिश्चित करना है. आइए जानते हैं, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी की गई ये गाइडलाइंस क्या कहती हैं- # कोविड-19 की ये वैक्सीन केवल 18 साल या इससे ऊपर वालों के लिए ही है. # वैक्सीन की दो डोज़ के बीच में 14 दिन का अंतर हो. # दूसरी डोज़ उसी वैक्सीन की दी जाए, जिसकी पहली डोज़ दी गई थी. इंटरचेंजिंग हरग़िज़ न करें. # इन वैक्सीन के किसी भी क्लीनिकल ट्रायल में गर्भवती महिलाओं या लैक्टेटिंग महिलाओं (ऐसी महिलाएं, जो नवजात को अपना दूध पिला रही हों) को शामिल नहीं किया गया है. इसलिए ऐसी महिलाएं अभी वैक्सीन न लगवाएं. # ऐसे लोगों को फिलहाल वैक्सीन न दी जाए, जिनमें कोविड-19 के विज़िबल लक्षण हैं, जिन लोगों में कोविड एंटीबॉडी मौजूद है, जो लोग किसी अन्य गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में हैं. # जिन लोगों को प्लेटलेट्स डिसऑर्डर या खून से संबंधित कोई बीमारी है, उन्हें वैक्सीन देने में ख़ास सतर्कता बरती जाए. # जिन लोगों को पहले कभी कोविड-19 हो चुका है और अभी शरीर में एंटीबॉडी नहीं है, उन्हें वैक्सीन दी जा सकती है. # HIV पॉज़िटिव्स को भी वैक्सीन दी जा सकती है. हां, ये ज़रूर मुमकिन है कि इनमें वैक्सीन का असर कुछ कम हो. और एक ये भी बात याद रखने वाली है. जब आप वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे, तो एक फोटो आईडी प्रूफ देना होगा. फिर जब वैक्सीन लगवाने जाएंगे तो इसे साथ ले जाना रहेगा. ये वेरिफाई कराके ही वैक्सीन लगवा पाएंगे. अभी पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुज़र्गों को वैक्सीन लगेगी. बाकियों को बाद में चरणबद्ध तरीके से वैक्सीन की डोज दी जाएगी.
16 जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के वैक्सीनेशन कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये लॉन्च करेंगे. इस वैक्सीनेशन प्रोग्राम को देश का अब तक का सबसे व्यापक वैक्सीनेशन प्रोग्राम माना जा रहा है, जिसमें वयस्कों को वैक्सीन लगाई जाएगी. इससे पहले के टीकाकरण कार्यक्रमों में बच्चों को अलग-अलग वैक्सीन दी जाती रही हैं. फिलहाल देश भर में तीन हज़ार से ज़्यादा वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं. ये संख्या जल्द से जल्द बढ़ाकर पांच हज़ार करने की योजना है. कहा जा रहा है कि पीएम मोदी CO-WIN ऐप भी लॉन्च करेंगे, जिसके जरिए वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा.
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