1. USA के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है. जिसमें पता चला है कि गाय और इंसानों के 80 परसेंट जीन्स सेम होते हैं. यानी उनमें और हममें ज्यादा फर्क नहीं है. 2. देश की सभी राज्य सरकारों को गोकशी कानून कड़े कराने चाहिए. 3. ये सिर्फ परंपरा की बात नहीं है. विश्वास की बात है. आस्था के अलावा इकॉनमिक, हिस्टोरिकल और साइंटिफिक नजरिए से देखने की भी जरूरत है.
4. हमारी सरकार बांग्लादेश को होने वाली गायों की स्मगलिंग पूरी तरह से बैन करने की कोशिश कर रही है. लेकिन बॉर्डर इत्ता लंबा है कि सफलता बहुत कम मिल रही है. 5. गोकशी वैदिक काल में बैन थी. मुगलों के टाइम भी. अकबर, जहांगीर और बहादुरशाह जफर के टाइम पर भी. बाबरनामा में लिखा है "हिंदुस्तान पर राज करना पॉसिबल नहीं है अगर गोकशी पर बैन न लगे."
ये भी पढ़ें: मुंह पर पेशाब करते इन्हीं गौ-गुंडों की बात कर रहे थे मोदी जी मोदी के टिंचर के बाद BJP ने गाय वाली अपनी यूनिट बंद की 'गौरक्षकों के खिलाफ बोल के मोदी ने पीठ में छुरा घोंपा है' गाय का आखिरी पूर्वज 400 साल पहले मर गया था दलितों ने नहीं, शेर ने मारी थी गाय, गोरक्षकों जाओ बदला लो!













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