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इस वजह से नाम के आगे श्री श्री रविशंकर ने लगाया श्री श्री

पढ़िए आर्ट ऑफ लिविंग वाले श्री श्री रविशंकर की जिंदगी से जुड़ी 14 खास बातें.

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फोटो - thelallantop
श्री श्री रविशंकर की अपनी पहचान है. पूरी दुनिया में लोग जानते हैं. तो बस इन्ही श्री श्री रविशंकर के बारे में लल्लन बता रहा है टॉपम टॉप बातें. 1. रवि शंकर 13 मई 1956 को तमिलनाडु के पापनासम में पैदा हुए. विषलक्षी रतनम और आर. एस वेंकेट रतनम का घर खुशियों से भर गया. 2. रविवार के दिन जन्म होने की वजह से रवि और उसी दिन आठवीं सदी के हिंदू गुरू शंकराचार्य का बर्थडे होने की वजह से शंकर नाम पड़ा. उन्होंने अपने नाम के आगे ‘श्री श्री’ जोड़ लिया, क्योंकि मशहूर सितार वादक रवि शंकर ने उन पर आरोप लगाया कि वे उनके नाम की कीर्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं. 3. रविशंकर के पहले टीचर सुधीश चतुर्वेदी थे. रविशंकर 4 साल की उम्र से श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करते थे. 4. रविशंकर बंगलुरु यूनिवर्सिटी के संत जोसेफ कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएट हैं. ग्रेजुएशन के बाद महर्षि महेश योगी के साथ वैदिक सम्मेलनों में जाने लगे. 5. सुदर्शन क्रिया एक तरह का योग है, जो सांस से रिलेटेड है. 25 साल की उम्र में 10 दिनों के लिए मौन होकर इस क्रिया को रविशंकर ने ईजाद किया. 152 से भी ज्यादा देशों में इसे सिखाया जाता है. हावर्ड की एक स्टडी में पता चला है कि इस क्रिया से 70-80 परसेंट एड्स के मरीजों को फायदा हुआ है. 6. 1981 में रविशंकर ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की स्थापना की. 1983 में उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग का पहला कोर्स यूरोप में आयोजित किया. 152 से भी ज्यादा देशों में इसे दुनिया का सबसे बड़ा वालंटियर-बेस्ड एनजीओ माना जाता है. 7. 2004 में "गुडविल मिशन" पर पाकिस्तान गए. 2012 में दोबारा जाना हुआ. इस्लामाबाद और कराची में आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर्स के उद्घाटन के लिए. 2014 में आर्मी ने इस्लामाबाद के सेंटर को जला डाला. 8. 2007 और 2008 में रविशंकर इराक गए. राजनेताओं और धार्मिक नेताओं से मिलकर विश्व शांति को प्रमोट करने. अपने अगले दौरे में रविशंकर ने उस इलाके के यजीदियों और दूसरे गैर-मुस्लिमों के हालात पर बात की. फिलहाल एलिजाह इंटरफेथ संस्थान के बोर्ड ऑफ वर्ल्ड रिलिजियस लीडर्स में से एक हैं. 9. अपने आप को रविशंकर हंसी, सिंग और डांस का अंबेसडर मानते हैं. उनका कहना है कि अपनी मुस्कुराहट को सस्ता और गुस्से को महंगा रखना चाहिए. 10. 2009 में फ़ोर्ब्स मैगजीन ने रविशंकर को भारत का पांचवा सबसे शक्तिशाली नेता बताया. 11. 1992 में एक प्रिजन प्रोग्राम शुरू किया ताकि कैदी जेल से बाहर आने के बाद सामान्य जिंदगी जी सकें. 12. 2015 के क्यूबा दौरे पर रविशंकर ने कोलंबिया सरकार और गोरिल्ला मूवमेंट(एफएआरसी) के बीच शांति समझौता तोड़ दिया. नतीजा यह हुआ कि एफएआरसी गांधी के अहिंसावादी विचारों को अपना राजनैतिक उद्देश्य बनाने को तैयार हो गया. 13. मार्च 2013 में हिंसा को खत्म करने के लिए देश भर में नॉनवायो मूवमेंट चलाया. 14. रविशंकर को ढेरों सम्मान मिल चुके हैं. उनमें पद्म विभूषण, नेशनल वेटरैन्स फाउंडेशन अवॉर्ड, वर्षद कन्नडिगा, ऑर्डर पोल स्टार 2006 सर्वश्रेष्ठ जैसे अवॉर्ड्स शामिल हैं.
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