रबर बैंड/क्लचर खो जाता है
आपके पास एक हजार रबर बैंड, क्लिप और क्लचर तो होंगे ही. लेकिन जब बाल बांधने हों, एक भी नहीं दिखता. जैसे कोई जादुई शक्ति आकर बाल बांधने की सारी चीजें छुपा देती है. नई क्लिप्स खरीदते जाओ. फिर एक दिन आता है क़यामत का. जब अलमारियों के पीछे, बेड और टेबल के नीचे और 100 साल पुराने बैग्स से सारी क्लिप्स एक साथ निकलती हैं.
ब्रा
इसका तो होना ही मुसीबत है. और नीचे वाली इलास्टिक में जब पसीना होने लगता है, ऐसा लगता भरे क्लासरूम या ऑफिस में खोलो, और निकाल के पूरी ताकत से फेंक दो.
पीरियड
आ जाएं तो तकलीफ. और न आएं तो ज्यादा तकलीफ. लेट होने लगें तो हर तरह के बुरे ख़याल घेरने लगते हैं. और जाएं, तो क्रैम्पस, पेट खराब, कमर दर्द और नैपकिन रैशेज. चिड़चिड़ापन और दिमाग अलग खराब रहता है.
फ्रेंड का रिलेशनशिप
एक सहेली ऐसी जरूर होती है जिसका ब्रेकअप और पैचअप होता रहता है. आप समझ नहीं पाते, कि आखिर आपकी सहेली उस लड़के के साथ है ही क्यों. उसके बॉयफ्रेंड से आपक खूब चिढ़ है. लेकिन आपकी सहेली, न उसके साथ रहने को तैयार, न उसे छोड़ने को. लेकिन आपका दिमाग खाने को हमेशा तैयार रहती है.
शू-बाइट
बड़े मन से नए-नए जूते-सैंडल खरीदो पैसे बचा के. पहनकर निकलो, शो ऑफ करते हुए. और आधे घंटे के अंदर ही आहें निकलने लगती हैं. पांव की पिंकी वाली उंगली लाल हो कर सूज जाती है. छाला पड़ जाता है. ऐसे दशा हो जाती है कि पांव किसी दूसरे जूते में डालने लायक भी नहीं बचता.
फेवरेट ब्रा में कांटे निकल आते हैं
भाई साब. एक ब्रा. बार-बार धो, सुखा कर पहनी आपने. क्योंकि वो आपकी फेवरेट है. और एक दिन अचानक वो आपको चुभने लगती है. आप उतारकर देखती हैं उसमें कांटें तो नहीं निकले. नहीं, दिखती तो ठीक है. पर चुभने लगती है. अगर दिल का रोना दिखा सकता, तो पक्का आंसू खून के दिखते.
पार्टी के पहले पिंपल आ जाता है
फेशियल-वेशियल सब करा लो. और जब तैयार होने जाओ, तो दिखेगा एक विशालकाय पिंपल. जैसे रातों-रात सपाट जमीन पर कोई पहाड़ खड़ा हो जाए. और पिंपल तो ठीक है, पर उसमें जो खुजली और गंदा वाला दर्द होता है न, बाल नोचने का जी करता है. और हिम्मत जुटा कर फोड़ डालो, तो ये हाल होता है.
पेयर का एक झुमका खो जाता है
मुश्किल से 2 बार वो पेयर कान में डाला होगा. चार लोगों ने तारीफ की होगी. और अगले दिन उसका एक कान गायब.
कप में लिप्सटिक लग जाती है
खासकर जब किसी बड़े कॉफ़ी जॉइंट में बैठे हों. या फिर एक ही कप से किसी के साथ शेयर कर रहे हों. दो डर सताते हैं. एक, मेरी लिप्सटिक छूट रही है. दूसरा, मेरा DNA इस कप के साथ कॉफ़ी शॉप को मिल गया. हॉ, अब क्या होगा.
बैठे बिठाए 'टिट-शो' हो जाता है
उफ़ ये बदनीयत ब्रा. जैसे ही AC वाली जगह मिलती है, ब्रा के कप के पीछे से ये दुष्ट शैतान जाग जाते हैं. और आप हो जाते हैं कॉन्शियस. दिमाग का एक हिस्सा कहता है, 'कॉन्फिडेंट रहो. ब्रेस्ट ही तो हैं. इसमें क्या बुरा है.' लेकिन दूसरा हिस्सा बेचैन होने लगता है. फिर जबतक शीशा देख तसल्ली न कर लो, मन नहीं मानता.
(सभी GIFs giphy से)
























