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रोजगार पर सवाल पूछा तो बड़ा दावा कर गए योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार के पहले और बाद में बेरोजगारी दर कितनी रही, ये भी बताया.

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योगी ने कहा 4,50000 लोगों को नौकरी हमने दी है.
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के मंत्री और विधायक एक के बाद एक इस्तीफे दे रहे हैं. इसने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी है. इस सियासी ताप के बीच दी लल्लनटॉप के खास चुनावी कार्यक्रम 'जमघट' का पहला एपिसोड प्रकाशित हुआ. इसमें हमारे संपादक सौरभ द्विवेदी ने इंटरव्यू किया यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का. सौरभ ने उनसे सरकार के कामकाज और तमाम बड़े विवादों से लेकर जन सरोकार से जुड़े मुद्दों पर सीधे सवाल पूछे. इनमें रोजगार का मुद्दा भी शामिल रहा. सीएम योगी से पूछा गया,
योगी आदित्यनाथ सरकार कहती है रोज़गार में कोई भाई भतीजावाद नहीं, कोई भ्रष्टाचार नहीं. साढ़े चार लाख लोगों को नियुक्ति पत्र मिले. इसपे सवाल खड़े हुए. कई पेपर लीक के मामले सामने आए.
इस योगी आदित्यनाथ ने कहा,
यह सिस्टम पहले से गड़बड़ हो रखा था. हमने उसको ठीक किया है. और जहां तक रहा नौकरी का सवाल साढ़े चार लाख लोगों को नौकरी हमने दी है. जिसमें से डेढ़ लाख तो केवल पुलिसकर्मी और पुलिस अधिकारी शामिल हैं. डेढ़ लाख से ऊपर शिक्षकों की भर्ती हमने की है.
योगी आगे बोल,
60 लाख से ज़्यादा लोगों को हमने MSME में अलग-अलग तरह की स्वतंत्र रोज़गार योजनाओं से जोड़ने का काम किया है. इस क्षेत्र में काम करने वाली नैशनल एजेंसियों के डाटा भी इस बात को प्रदर्शित करते हैं कि 2016-17 से पहले UP में बेरोज़गारी दर 18 प्रतिशत से अधिक है जो अभी 4 प्रतिशत के आसपास रह गई है.
सीएम योगी ने पेपर लीक वाले सवाल का भी जवाब दिया. कहा कि टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने पर एग्जाम निरस्त कर दिया गया. जितने दोषी थे सब को पकड़कर जेल भेजा गया. उन्होंने कहा,
मुझे यह भी मालूम है कि जो अभी धरना प्रदर्शन कर रहे थे वो कौन कौन से कोचिंग संस्थान के लोग हैं. उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
सीएम ने कहा कि सभी भर्ती प्रतिक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं और आगे भी ऐसा ही होगा.

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