Uttarakhand Election: लैंसडाउन से कांग्रेस की अनुकृति गुसाईं के हारने की इतनी चर्चा क्यों है?
बीजेपी के दिलीप सिंह रावत ने 9 हज़ार वोटों से जीत हासिल की.
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बीजेपी के दिलीप सिंह रावत ने 9 हज़ार वोटों से जीत हासिल की. (बाएं अनुकृति , दाएं दिलीप सिंह फोटो- फेसबुक)
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के दौरान एक सीट की चर्चा रही. लैंसडाउन. यहां से उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं रावत चुनाव लड़ रही थीं. चुनाव आयोग की काउंटिंग के मुताबिक कांग्रेस के टिकट से लड़ीं अनुकृति गुसाईं अपने विरोधी दिलीप सिंह रावत से 9,868 वोटों के अंतर से हार गईं. उन्हें कुल 11 हजार 636 वोट मिले थे, जबकि दिलीप सिंह रावत को 24 हजार 504 लोगों ने वोट किया. लैंसडाउन में पहले चरण के तहत 14 फरवरी को मतदान हुआ था. कुल 41 हजार 407 लोगों ने मतदान किया था. 59 फीसदी से ज्यादा लोगों ने दिलीप सिंह के पक्ष में वोट किया, जबकि अनुकृति को 35.35 जनता ने वोट डाला. उन्हें हराकर दिलीप सिंह ने तीसरी बार लैंसडाउन सीट पर कब्जा किया है. लैंसडाउन उत्तराखंड की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है. ये उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में आती है. 2017 में भी बीजेपी ने यहां जीत हासिल की थी. तब इस सीट पर करीब 56 पर्सेंट वोट पड़े थे. तब दिलीप सिंह की टक्कर कांग्रेस के तेजपाल सिंह रावत से थी, जिन्हें बीजेपी प्रत्याशी ने 6,475 वोटों से हराया था. हालांकि एक समय लैंसडाउन में हरक सिंह रावत का दबदबा था. उन्होंने 2002 और 2007 के चुनावों में यहां जीत दर्ज की थी. हालांकि इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं तीरथ सिंह रावत, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं.
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