बुजुर्गों पर होने वाले जलवायु खतरों पर HelpAge India की रिपोर्ट

16 June 2026

Author: Suryakant

HelpAge इंडिया ने अपनी तरह की पहली स्टडी में ग्रामीण इलाकों में 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों को हीट वेव, बाढ़ और सूखे जैसे जलवायु जोखिमों के कारण होने वाली चुनौतियों पर रिपोर्ट की है.

जलवायु जोखिमों पर स्टडी

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सर्वे में शामिल 78% बुजुर्गों ने पिछले तीन सालों में कम से कम एक बार मौसम से जुड़ी आपदा का सामना किया. इनमें सबसे ज़्यादा हीटवेव (45%), बाढ़ (27%) और सूखा (20%) शामिल थे. 

मौसमी आपदा

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हेल्पएज इंडिया की इस रिपोर्ट में 10 राज्यों के 20 ज़िलों (हर ज़िले में 5 गाँव) के 2,224 बुज़ुर्गों को शामिल किया गया था. 

10 राज्य 20 जिले

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स्टडी में बताया गया है कि गर्मी का तनाव बुज़ुर्गों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो 'कच्चे' या कम हवादार घरों में रहते हैं; इस श्रेणी के लगभग 60% लोगों का कहना है कि उनके घर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. 

गर्मी का तनाव

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हालांकि हीटवेव से सबसे ज़्यादा प्रभावित लोग घरों के अंदर रहते हैं (90%) और ज़्यादा पानी पीते हैं (81%), फिर भी बीमारियां बढ़ती हैं (74%), पहले से मौजूद बीमारियां और बिगड़ जाती हैं (44%), और हेल्थकेयर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. 

हीटवेव

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खतरों के संपर्क में आने वाले लोगों में से एक-तिहाई से ज़्यादा ने बताया कि उनके जीवन पर मध्यम से लेकर गंभीर असर पड़ा है.

गंभीर असर

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इस सर्वे में आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड के बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया. 

सर्वे

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