The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • what is loading spinners in smartphone critical tricks used by developers to trick us

ऐप खुलने से पहले फोन की स्क्रीन पर बिंदियां घुमाकर कंपनियों ने आपको प्यारा सा बुद्धू बनाया है

लोडिंग स्पिनर्स स्मार्टफोन में ऐप्स खुलने से पहले एक आभासी सा यूजर इंटरफ़ेस दिखाते हैं. इसका मकसद और वजह जानकर हैरान रह जाएंगे.

Advertisement
pic
23 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 23 अगस्त 2023, 04:36 PM IST)
what is loading spinners in smartphone critical tricks used by developers to trick us
राउंड-राउंड घुमा दिया रे (तस्वीर: सोशल मीडिया)
Quick AI Highlights
Click here to view more

स्मार्टफोन में कई बार एक ऐप खोलने पर स्क्रीन पर ऐप के कॉन्टेन्ट की जगह राउंड-राउंड घूमने वाला गोला या मिचमिचाने वाले स्क्वेर डॉट्स नजर आ जाते हैं. लगता बस अभी खुला या तभी खुला. कुछ सेकंड के बाद ऐप खुल भी जाता है और आप अपना काम करने लगते हैं. शायद आपको लगता होगा कि ऐसा होना ऐप के प्रोसेस का हिस्सा है. लेकिन नहीं जनाब, ऐसा कछु भी नहीं है. स्मार्टफोन कंपनियों से लेकर डेवलपर्स ने हमें और आपको बेवकूफ बनाया है. लेकिन इसमें भी एक ट्विस्ट है. कंपनियों ने ऐसा जानबूझकर नहीं बल्कि मजबूरी में किया है. कैसे, वो हमसे जान लीजिए.

स्मार्टफोन ऐप्स के साथ एक अजीब सी मुसीबत है. कोई भी ऐप अपना लोडिंग टाइम पहले से नहीं बता सकता. फिर भले वो कुछ MB वाला छोटा सा ऐप हो या फिर कई GB वाला मोटू. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. नेटवर्क एरर से लेकर सर्वर की प्रॉब्लम और स्मार्टफोन की क्षमता तक. अब बहुत पुराना स्मार्टफोन है जिसके आखरी दिन चल रहे हैं. पहले से भतेरे ऐप्स खुले हुए हैं तो चांस हैं कि ऐप खुलने में कुछ एक्स्ट्रा सेकंड लगा दे.

अब डेवपलर्स के सामने इधर कुआं उधर खाई वाली स्थिति है. अगर स्क्रीन पर बता देंगे कि ऐप कितनी देर में खुलेगा, भले ऐसा करना तकनीकी तौर पर संभव ही नहीं, तो हो सकता है यूजर ऐप बंद कर दे या दूसरे ऐप पर कूदी मार दे. भाई आजकल इतना धैर्य शायद किसी भी में नहीं है. मतलब घड़ी लगाने से लेकर प्रोग्रेस बार दिखाने में बड़ा रिस्क है.

इसी रिस्क का माकूल इलाज निकाला गया. लोडिंग स्पिनर (Loading Spinner). एक आभासी टाइमर जिसको देखकर लगता है कि ऐप बस अभी खुल जाएगा. समय के साथ इसको अपग्रेड किया गया. स्क्रीन पर मिचमिचाते डॉट्स दिखने लगे. ये एकदम ऐप के असल यूजर इंटरफ़ेस जैसे दिखते हैं. ऐसा करना कोई मुश्किल भी नहीं, क्योंकि भले ऐप की ओपनिंग को तय करना असंभव है, मगर UI तो खुद का है. बस स्क्रीन पर उसका आभासी प्रतिबिंब चिपटा दो. तुस्सी खुश अस्सी खुश और डेवलपर्स की बल्ले-बल्ले.

मतलब भले हमें डेवलपर्स ने बेवकूफ बनाया हो, लेकिन चीट नहीं किया. बोले तो ट्रिक कर दी हमारे साथ. 

वीडियो: चीन में स्मार्टफोन ऐप यूज करने के लिए भी अब सरकार का OK चाहिए, लेकिन ये होगा कैसे?

Advertisement

Advertisement

()