Uber ने जिसे नौकरी पर रखा वो MacBook लेकर धरती से गायब! खाली प्लॉट निकला पता
Uber का एक कैंडिडेट ब्रांड न्यू मैकबुक लेकर गायब (new hire at Uber ‘vanished’ with company’s MacBook) है. उसका मोबाइल सर्विस में नहीं. पते का पता नहीं और लिंक्डइन वाली प्रोफ़ाइल भी डिलीट है. ये बंदा कंपनी का एप्पल मैकबुक लेकर गायब हो गया.

# आपने जिस नंबर पर कॉल किया है वो अस्तित्व में ही नहीं है.
# आपने जिस पते पर MacBook भेजा था, वो एक खाली प्लॉट है.
# आप जिस LinkedIn प्रोफाइल को तलाश रहे, उसका पेज उपलब्ध नहीं है.
इतना पढ़कर शायद आपने अंदाजा लगा लिया होगा कि इस मामले में किसी कंपनी (new hire at Uber ‘vanished’ with company’s MacBook) और उसके कर्मचारी की बात हो रही होगी. शख्स ने कंपनी को घोस्ट किया होगा. अरे वही, मतलब किसी भी कंपनी को जॉइन करने से ठीक पहले उसको मना कर देना जो आजकल काफी कॉमन है. मना करो और गायब हो जाओ. माने फिर कंपनी का फोन नहीं उठाओ या ईमेल का जवाब मत दो. Gen Z वाली भाषा में इसे Ghosting कहते हैं. लेकिन इसमें कैंडिडेट की डिटेल्स तो होती हैं.
मगर ये एकदम अजीब केस है. इस केस में कंपनी है Uber जिसका एक कैंडिडेट ब्रांड न्यू मैकबुक लेकर गायब है. गायब जैसे गधे के सिर से सींग. उसका मोबाइल सर्विस में नहीं. पते का पता नहीं और लिंक्डइन वाली प्रोफ़ाइल भी डिलीट है. मैकबुक लेकर अपना अस्तित्व खत्म कर देने वाले कैंडिडेट का वाकया शेयर किया है हैदराबाद बेस्ड उबर के रिक्रूटर Raghu Tenneti ने.
Raghu Tenneti ने लिंक्डइन पर लिखा,
आजकल जॉइनिंग के दिन कैंडिडेट का गायब हो जाना कोई नई बात नहीं है. लेकिन यह कैंडिडेट हमसे गायब ही नहीं हुआ, बल्कि मानो 'गायब' ही हो गया.

रघु ने दावा किया कि कैंडिडेट का लिंक्डइन प्रोफाइल भी गायब हो गया था. उन्होंने लिखा, “लिंक्डइन चेक किया. ‘पेज नहीं मिला’ उन्होंने अपना अकाउंट निष्क्रिय नहीं किया बल्कि उन्होंने खुद ही उसे बंद कर दिया.”
रघु ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी का लैपटॉप जिस पते पर पहुंचाया गया था, वह एक सुनसान इमारत के पीछे एक खाली प्लॉट निकला. उन्होंने कहा, "लैपटॉप डिलीवरी का पता लगाया. एक खाली प्लॉट. एक सुनसान इमारत के पीछे. उसने हमें मैकबुक के लिए एक डेड-ड्रॉप लोकेशन दी थी"
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उबर की टेक टीम ने जब मैकबुक को ट्रेस करने की कोशिश की तो पता लगा उसे फैक्ट्री रीसेट कर दिया गया है. उसके बाद उसे प्रॉक्सी बोले तो VPN लगाकर चलाया जा रहा है. माने फर्जी लोकेशन. टेनेटी ने आगे लिखा,
“इस आदमी ने पहले दिन छुट्टी नहीं ली बल्कि अपनी पूरी पहचान फर्जी बना ली और बिना कोई डिजिटल निशान छोड़े गायब हो गया. यह घोस्टिंग नहीं है. यह एक चोरी है. और सच कहूं तो? एथन हंट- वाकई, इस कला को सलाम. भाई, हमें अपना लैपटॉप वापस चाहिए.”
रघु यहां हॉलीवुड एक्टर टॉम क्रूज के ‘मिशन इंपॉसिबल’ वाले किरदार का जिक्र कर रहे हैं. रघु की पोस्ट के बाद कई मजेदार रिएक्शन भी मिल रहे. एक यूजर ने लिखा,

“तो आप मुझे यह बता रहे हैं कि इस व्यक्ति ने महीनों तक Leetcode के सवालों को हल किया, Uber के इंजीनियरिंग इंटरव्यू, व्यवहार संबंधी राउंड, सिस्टम डिज़ाइन के सवालों और HR की तैयारी की... सिर्फ एक लैपटॉप चुराने के लिए? मैकबुक पाने के लिए इतना धैर्य और समर्पण तो वाकई कमाल का है”
बात तो सही है. एक मैकबुक के लिए इतना कुछ. अब वाकई रघु के दावे में कितना दम है. इसकी बुक जब ओपन होगी तो हम आपको जरूर बताएंगे.
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