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वायरलेस इयरफ़ोन खरीदने से पहले ये बातें जान लेंगे तो सुकून की आवाज़ कानों में गूंजेगी

800 रुपए वाले और 20,000 रुपए वाले TWS इयरबड्स में क्या फर्क है?

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23 मार्च 2021 (अपडेटेड: 23 मार्च 2021, 11:20 AM IST)
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बिना तार वाले इयरफ़ोन की वो बातें, जो आपको जान लेनी चाहिए. (फ़ोटो: Mohammad Faisal/ The Lallantop)
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एक टाइम था जब बिना तार वाले इयरफ़ोन बहुत अनोखी चीज़ लगा करती थी. मगर आज आप 800 रुपए में भी अच्छे-खासे ट्रुली वायरलेस स्टीरिओ (TWS) इयरबड्स खरीद सकते हैं. ऑनलाइन खरीदने निकलेंगे तो इतने सारे ब्रांड और इतने मॉडल दिखेंगे कि चुनाव करना मुश्किल हो जाएगा. हम आज आपको बताएंगे कि TWS इयरफ़ोन खरीदते वक़्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इससे आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से प्रोडक्ट खरीद पाएंगे, साथ ही कुछ पैसे भी बचा लेंगे. डिजाइन बिना तार वाले इयरबड और इयरफ़ोन में सबसे ज़रूरी चीज़ डिजाइन है. क्यों? क्योंकि आप इनका इस्तेमाल दिन में 4-5 घंटे तो करेंगे ही. अगर डिजाइन सही नहीं होगा तो आपको इसे यूज़ करने में दिक्कत होगी. इस मामले में आपके सामने तीन ऑप्शन हैं.
1.डंडी पर फिट प्लास्टिक बॉडी वाला इयरफ़ोन. जैसे रियलमी बड्स एयर नियो, ऐपल एयर पॉड्स और मी ट्रू वायरलेस इयरफ़ोन्स
2. दूसरे ठीक इसी शेप वाले हैं, मगर बेहतर फिटिंग के लिए आगे रबर टिप लगी होती है. जैसे रियलमी बड्स एयर प्रो, ऐपल एयर पॉड्स प्रो और ऑप्पो एन्को X.
Realme Buds Air 2 Wear
हल्के वज़न वाले इयरफ़ोन को आप ज़्यादा देर तक कान में लगाए रख सकते हैं.

3.वो, जिनमें डंडी नहीं होती. बस बटन जैसे दिखते हैं. इनमें आगे की तरफ़ रबर टिप होती है. ऐसा न हो तो ये कान से गिर जाते हैं. इस कैटिगरी में रियलमी बड्स Q, रेडमी इयरबड्स S और सैमसंग गैलक्सी बड्स प्रो आते हैं.
डिजाइन और फिटिंग चुन लें तो देखें कि इयरफ़ोन हल्के हैं या नहीं. ये हल्के नहीं होंगे तो आप ज्यादा देर तक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. बैटरी और चार्जिंग बैटरी के नजरिए से देखें तो अलग-अलग क़ीमत के मौजूदा वायरलेस इयरफ़ोन में बहुत ज्यादा फ़र्क है. इयरबड्स में कमज़ कम 3 घंटे का बैकअप तो होना ही चाहिए. रही बात चार्जिंग केस की, तो ये एक बार फुल चार्ज होने के बाद इयरबड्स को अगर 3 बार भी चार्ज कर देता है तो काम चल जाएगा. अच्छा बैटरी बैकअप वो है, जिसमें आपके इयरबड्स 4 घंटे चलें और चार्जिंग केस की मदद से 24 घंटे काम कर सकें. मतलब, चार्जिंग केस आपके इयरफोन को 5 बार तक चार्ज कर सके.
Realme Buds Air 2 Xx
इयरफ़ोन का चार्जिंग केस मॉडल के हिसाब से एक बार फुली चार्ज होने पर इयरबड्स को 3-4 बार चार्ज कर सकता है.

लेकिन देखने की बात ये है कि इतनी बैटरी आपको अभी 2,500 रुपए से ऊपर के इयरफ़ोन्स में ही मिलेगी. अगर आपका बजट 1,500 रुपए के आस-पास है, तब आपको 3 घंटे इयरबड्स का बैटरी बैकअप और केस को मिलाकर 10-12 घंटे का बैकअप देखकर डिवाइस लेना चाहिए. रही बात चार्जिंग की तो इयरफ़ोन का केस चार्ज होने में ज्यादा टाइम नहीं लेता. बस ये देख लीजिए कि चार्जिंग पोर्ट USB-टाइप C हो. आपके फ़ोन का और आपके इयरफ़ोन का चार्जिंग पोर्ट एक जैसा होने का फायदा ये होता है कि आपको इसे चार्ज करने के लिए अलग से केबल नहीं रखनी पड़ती. कनेक्टिविटी Galaxy Buds Pro (1)
ये हैं बटन डिजाइन वाले सैमसंग के गैलक्सी बड्स प्रो.

बिना तार वाले इयरफ़ोन में सबसे बढ़िया बात यही है कि चार्जिंग केस खोलते ही ये झट से आपके फ़ोन में कनेक्ट हो जाते हैं. इस कनेक्शन की रेंज इतनी तो होनी ही चाहिए कि आप एक कमरे में फ़ोन रखकर दूसरे कमरे में टहल-टहल कर बात कर सकें. आप चाहे जितना सस्ता इयरफ़ोन खरीदें, उसमें Bluetooth 5.0 कनेक्टिविटी होना ज़रूरी है. ये 10 मीटर की दूरी तक आपके फ़ोन से जुड़ा रहता है. ब्लूटूथ के इस वर्ज़न से नीचे साल 2021 में कुछ मत लीजिए. जेस्चर और वॉइस असिस्टेंट Tws Gesture Control
जेस्चर की मदद से आप ये काम कर सकते हैं.

इयरफ़ोन में जेस्चर कंट्रोल ज़रूर चेक करिए. इनकी वजह से आपको बार-बार फ़ोन जेब से निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ती. कॉल उठाने, कॉल काटने, अगला गाना बजाने, गाना रोकने या दूसरे ऐसे ही छोटे-मोटे काम के लिए आपको इयरफ़ोन पर टच करना होता है. इसे ही जेस्चर कंट्रोल कहते हैं. इसके अलावा आप इयरबड्स खरीदते वक्त ये भी देखिए कि आपकी पसंद के इयरफ़ोन में गूगल असिस्टेंट या सीरी का सपोर्ट है या नही. ये होने पर आप बिना फ़ोन को छुए इयरफ़ोन की मदद से ही बहुत से काम कर सकते हैं. साउन्ड क्वालिटी Tws 10mm Driver
जितना बड़ा ड्राइवर होगा उतना ज़्यादा अच्छा साउन्ड होगा.

इयरफ़ोन की साउन्ड क्वालिटी चेक करने के लिए आप इसमें इस्तेमाल होने वाले ड्राइवर का साइज़ देखिए. और ये भी कि इयरफ़ोन कौन-कौन से ऑडियो कोडेक सपोर्ट करता है. अगर ड्राइवर का साइज़ 10mm या इससे ज़्यादा है, तब तो बल्ले-बल्ले. अगर 6mm का भी ड्राइवर है, तो काम चलाया जा सकता है. मगर इसके लिए बहुत ज़्यादा पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है. अब तो 1,500 से 2,000 रुपए की रेंज में भी 10mm ड्राइवर वाले इयरफ़ोन आ रहे हैं. सस्ते वाले इयरफ़ोन में SBC कोडेक का सपोर्ट होता है. लेकिन अगर आप 4,000 रुपए के आस-पास खर्च कर रहे हैं, तब इयरफ़ोन में बढ़िया वाले कोडेक का सपोर्ट ज़रूरी है. इनमें शामिल हैं AAC, LDAC, LHDC वग़ैरह-वग़ैरह. कॉलिंग Mi Wireless Earbuds
ये हैं शाओमी के 4,000 रुपए की क़ीमत वाले इयरफ़ोन.

इयरफ़ोन अगर कॉल पर सही से बात ही न करा पाए तो फ़ायदा ही क्या. कॉल क्वालिटी के बारे में जानने के लिए आप अपनी पसंद के इयरफ़ोन का रिव्यू ढूंढकर पढ़ सकते हैं. या फ़िर ये देखिए कि इसमें माइक कितने हैं. सिंगल माइक वाले TWS इयरबड्स आमतौर पर सही से बात नहीं करवा पाते. अगर आपके एक-एक इयरबड में दो-दो माइक हैं, तब आपको कॉल क्वालिटी की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. और कौन से फीचर देखने चाहिए? ये तो हो गए बिना तार वाले इयरफ़ोन के बेसिक फीचर और स्पेक्स. इतनी चीजें तो आपको हर डिवाइस में देखनी ही चाहिए, चाहे वो सस्ता हो चाहे महंगा. कुछ ऐसे भी फीचर हैं, जो आपके TWS इयरफ़ोन की खूबी में चार चांद लगा देते हैं. हम इनके बारे में भी बताएंगे ताकि अपनी ज़रूरत के हिसाब से आप खरीदारी के वक़्त चेक कर सकें.
IP रेटिंग: इयरफ़ोन को आपके कान में लगे-लगे पसीने का भी सामना करना पड़ता है, खासतौर पर तब जब आप इन्हें पहनकर एक्सरसाइज कर रहे हों. IP रेटिंग बताती है कि आपका इयरफ़ोन पसीने या पानी के छींटों से खराब नहीं होंगे.
Tws Ip Rating
IPX4 रेटिंग वाले TWS इयरफ़ोन.

ANC: ऐक्टिव नॉइस कैन्सलेशन. ये फीचर बाहर से आने वाली आवाजों को कान में गूंजने नहीं देता. इससे आप गाने सुनते हैं तो उनमें अलग ही क्वालिटी लगती है. कॉल पर बात करते हैं तो क्लैरिटी और भी अच्छी होती है. ये फीचर महंगे इयरफ़ोन में देखने को मिलता है, मगर हाल ही में ये 3,299 रुपए के TWS इयरबड्स में भी आ गया है.
Latency: कई TWS इयरफ़ोन में लेटेंसी की दिक्कत होती है. मतलब कि स्क्रीन पर चलने वाला वीडियो आगे जा रहा है और आपको उसकी आवाज़ काफ़ी देर में सुनाई पड़ रही है. गेम खेलने वालों को तो अच्छे-खासे इयरफ़ोन में भी लेटेंसी की शिकायत रहती है. इयरफ़ोन के स्पेक्स में अगर Low Latency की बात हो रही है तो ये अच्छा है. लेटेंसी जितना कम होगी, इयरफ़ोन उतना अच्छा होगा.
Tws Gaming Latency
लेटेंसी जितना कम होगी, इयरफ़ोन उतना अच्छा होगा.

Wear Detection: कुछ इयरफ़ोन्स में प्रॉक्सिमिटी सेन्सर लगे होते हैं. ये सेंसर खुद ही पहचान लेता है कि आपने इयरफ़ोन कान में लगा रखा है या बाहर निकाल दिया है. इसके हिसाब से ये गाने या वीडियो को प्ले और पॉज़ करता है. जैसे ही आप इन्हें कान से निकलते हैं, गाना रुक जाता है. वापस कान में लगाते ही फ़िर वहीं से गाना बजने लगता है.
रियलमी, शाओमी, वनप्लस, ऑप्पो और ऐपल जैसी नामी कंपनियों के इयरफ़ोन्स के बारे में तो सभी को पता रहता है मगर कुछ दूसरे ब्रांड भी हैं, जो अच्छे प्रोडक्ट बनाने के बाद भी गुमनामी की ज़िंदगी जी रहे हैं. ये प्रोडक्ट काफी सस्ते हैं और अच्छे-खासे फीचर्स से लैस हैं. बस इनका चुनाव करने के लिए आपके पास TWS इयरबड्स की थोड़ी जानकारी होनी चाहिए, जो आपको इस स्टोरी से मिल ही गई है.

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