The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • switching between prepaid to postpaid got easier cooling off period reduced from 90 days to 30 days

प्रीपेड से पोस्टपेड नहीं भाया, तो फिर से प्रीपेड कराने में अब नहीं लगेंगे 90 दिन

प्री-पेड से पोस्ट पेड और पोस्ट-पेड से प्री-पेड में अल्टी-पलटी करने की प्रोसेस अब और आसान. प्री-पेड से पोस्ट-पेड और पोस्ट-पेड से प्री-पेड में जाने के लिए अब तीन महीने के कूलिंग पीरियड की जगह महीने भर में काम हो जाएगा.

Advertisement
pic
13 जून 2025 (पब्लिश्ड: 04:45 PM IST)
switching between prepaid to postpaid got easier cooling off period reduce from 90 days to 30 days
मोबाइल नंबर सर्विस की अल्टी-पलटी का नियम
Quick AI Highlights
Click here to view more

मोबाइल नंबर चलाने के हमारे पास दो विकल्प हैं. एक प्री-पेड और दूसरा पोस्ट-पेड. प्री-पेड जिसमें रिचार्ज करना पड़ता है और पोस्ट-पेड जिसमें हर महीने में एक निर्धारित तारीख को बिल आ जाता है. आप आपनी जरूरत के हिसाब से दोनों में से किसी भी सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं. मगर जो इनके बीच में बदलाव करना हो, मतलब प्री से पोस्ट और पोस्ट से प्री करना हो तो प्रोसेस थोड़ी बोरिंग है. पहली बार तो सब कुछ दिनों में या कहें कुछ घंटे में हो जाता है मगर उसके बाद ऐसा ही करने के लिए 90 दिन का इंतजार करना पड़ता है. माने एक बार कोई सर्विस बदली तो फिर पुरानी में आने के लिए 90 दिन चाहिए. 

अब आई है खुशखबरी. आगे से ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब ये अंतराल घटकर 30 दिन का हो गया है. माने प्री-पेड से पोस्ट-पेड और पोस्ट-पेड से प्री-पेड में जाने के लिए अब तीन महीने के कूलिंग पीरियड की जगह महीने भर में काम हो जाएगा. पूरी प्रोसेस जान लीजिए.

30 दिन में पलटी मार सकते हैं  

दूरसंचार विभाग (DoT) ने प्री-पेड से पोस्ट पेड और पोस्ट-पेड से प्री-पेड में वापस आने की प्रोसेस को आसान करने के लिए नए नियम जारी किये हैं. अब 90 दिन की जगह 30 दिन में सर्विस का तरीका बदला जा सकेगा. हालांकि ये अल्टी-पलटी का नियम सिर्फ पहली बार के लिए ही लागू होगा. आसान भाषा में बताते. मान लीजिए आपका मन हुआ कि अब रिचार्ज नहीं करना मतलब बिल भरने वाले सिस्टम में जाना है तो बस अपने ऑपरेटर के ऐप में जाकर प्रोसेस फॉलो कर लीजिए. 

घर, दफ्तर या कार- AC का तापमान अब सरकार तय करेगी, 20 डिग्री से कम नहीं और 28 से ज्यादा नहीं

प्री-पेड से पोस्ट पेड में तो अब कंपनी के आउटलेट जाने की भी जरूरत नहीं. आपने ऐप में रिक्वेस्ट दी नहीं कि कुछ ही घंटों में कंपनी का आदमी घर पर. KYC करके सिम आपको देकर जाएगा. हां पोस्ट-पेड से प्री-पेड करने के लिए हो सकता है कि आपको आउटलेट जाना पड़े. मतलब बिल क्लीयर करने के लिए. कस्टमर केयर से भी मामला निपट जाता है. 

लेकिन जो ऐसा करने के बाद आपको समझ आया कि भईया गलती हो गई. मतलब हर महीने बिल भरना पड़ेगा या फिर रिचार्ज में दिमाग खपाना पड़ेगा तो अपने मन की सर्विस के लिए 90 दिन का इंतजार करना पड़ता था. माने तीन महीने बिल भरो या रिचार्ज करो. 

अब ऐसा नहीं होगा. प्री-पेड से पोस्ट पेड और पोस्ट-पेड से प्री-पेड में 30 दिन के अंदर वापस आ सकते हैं. लेकिन ये नियम सिर्फ और सिर्फ पहली बार के लिए है. इसके बाद फिर 90 दिन का नियम ही लागू होगा. आप अपने मन की सर्विस में ऑपरेटर के आउटलेट पर जाकर KYC प्रोसेस पूरा शिफ्ट हो सकते हैं. 

वीडियो: आजतक के 5 सबसे दर्दनाक हवाई हादसे जिन्हें देख कर दिल दहल जाएगा

Advertisement

Advertisement

()