Apple से पिछड़ा Google, मगर ये नई पॉलिसी आपके साथ हो रही चोरी रोक देगी!
आप ऐप डिलीट करते हैं मगर...अब झंझट नहीं होगा!

हैप्पी न्यू ईयर, अब आपको लगेगा कि अभी तो मोटा-माटी 9 महीने हैं, फिर किस बात का हैप्पी न्यू ईयर. दरअसल हैप्पी न्यू ईयर गूगल ने बोला है. प्ले स्टोर की पॉलिसी में कुछ अच्छे बदलाव हुए हैं जो जनवरी 2024 से लागू होंगे. इस पॉलिसी के प्रभाव में आने के बाद एंड्रॉयड स्मार्टफोन से ऐप्स डिलीट करना बेहद आसान हो जाएगा. आप कहोगे इसमें अभी कौन सी मुश्किल है. है भैया, मुश्किल नहीं बल्कि झोल है, वो भी आपकी पर्सनल जानकारी का. लेकिन गूगल ने अब झोल को खोल दिया है. कैसे, वो हम बताते हैं.
गूगल प्ले स्टोर बनेगा बाहुबलीगूगल अपने प्ले स्टोर को सेफ रखने के लिए कई सारे उपाय कर रहा है. इसी कड़ी में अब बारी है ऐप्स की. अब ऐप्स हैं तो डेटा भी होगा. कई बार कम और कई बार बहुत ज्यादा. ऐप्स कैसे आपके निजी डेटा में सेंधमारी करते हैं वो आप इस लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं. आज बात करते हैं गूगल की नई पॉलिसी की. स्मार्टफोन से किसी ऐप को अनइन्स्टॉल करना सिर्फ चंद सेकंड का काम है. चाहे तो प्ले स्टोर से जाकर डिलीट मारिए या सीधे लॉन्ग प्रेस करके पॉपअप आने पर. प्रोसेस खत्म ऐप गायब.
लेकिन इतना करने भर से पूरा काम होता नहीं है. ऐप के पास आपका डेटा तो होता ही है. अब इससे निपटने का उपाय तो है लेकिन प्रॉसेस बहुत लंबा और बोरिंग है. हमने इसके बारे में बताया है. लेकिन नई पॉलिसी के आने के बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी.
जनवरी 2024 से आने वाली इस पॉलिसी के बाद ऐप डेवलपर्स के लिए ये जरूरी होगा कि वो ऐप के अंदर ही डेटा डिलीट करने का ऑप्शन इनेबल करें. इसमें कोई अगर-मगर नहीं चलने वाला, क्योंकि जिस भी ऐप ने ऐसा नहीं किया तो 31 मई 2024 से प्ले स्टोर से उसका पत्ता साफ हो जाएगा. ये तो हुई पॉलिसी की बात, अब समझते हैं इसका प्रॉसेस क्या है.
अभी आप ऐप डिलीट करते हैं तो ज्यादा से ज्यादा सिर्फ लॉगआउट करने का ऑप्शन होता है. वो भी हर ऐप में हो वो जरूरी नहीं. लॉगआउट का ऑप्शन भी सेटिंग्स में कहीं छिपा होता है. लेकिन डेटा की तो कोई बात ही नहीं होती. अब इसके लिए ऑप्शन होगा. अगर आपने इस ऑप्शन को चुना तो ऐप डिलीट करने से पहले ही आपकी पूरी जानकारी ऐप के सर्वर से डिलीट हो जाएगी. अकाउंट भी डिलीट हो जाएगा. अब मजे से डिलीट मारिए. कहने का मतलब दरवाजा अंदर से खुद बंद कीजिए. कुंडी लगाइए या फिर मोटा सा ताला. गूगल ऑप्शन देने वाला है. वैसे Apple पिछले साल जून 2022 से ऐसी पॉलिसी ऐप स्टोर के लिए लागू कर चुका है. गूगल लेट है, मगर आ रहा है, यही क्या कम है.
वीडियो: आपकी पूरी 'डिजिटल कुंडली' गूगल-ऐप्पल के पास है, कच्चा-चिट्ठा यहां जानिए!

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