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फ्लिपकार्ट से ओपन बॉक्स डिलीवरी मंगाई, लैपटॉप चेक कर लिया, बाद में स्टार्ट किया तो कांड खुला

Flipkart Open Box Delivery Scam: Flipkart से ऑर्डर करने के बाद ओपन बॉक्स डिलीवरी लेने के बाद भी आपको गलत प्रोडक्ट मिल सकता है. ओपन बॉक्स डिलीवरी के भरोसे मत रहिए. पूरा मामला जानकर आप खुद भी यही बात बोलेंगे.

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20 मई 2026 (अपडेटेड: 20 मई 2026, 10:50 AM IST)
Flipkart Open Box Delivery Scam
फ्लिपकार्ट की ओपन बॉक्स डिलेवरी का भी कोई फायदा नहीं
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Flipkart से आपने एक लैपटॉप ऑर्डर किया. ओपन बॉक्स डिलीवरी थी तो बाकायदा डिब्बा ओपन करके देख लिया कि सही माल आया है. लैपटॉप को सेट करके और चालू करके देख भी लिया. लेकिन ये क्या, इसमें अंदर का माल तो अलग है. कोई बात नहीं, रिटर्न के लिए रिक्वेस्ट डाल देते हैं. लेकिन ये क्या, डिलीवरी वाले भईया ने तो ये बोलकर वापस लेने से मना कर दिया कि इस प्रोडक्ट का सीरियल नंबर मैच ही नहीं होता. अब कोई और दूसरी वेबसाइट होती तो शायद कहते कि अरे ऐसा होता है क्या? फ्लिपकार्ट में होता है.

फ्लिपकार्ट से मंगाया कुछ, दिखा कुछ और मिला कुछ का वाक्या शेयर किया है शिवानी शर्मा नाम की इंस्टा यूजर ने. पहले तो लैपटॉप का कलर दूसरा आया और फिर अंदर स्टोरेज भी आधा मिला. पूरा कांड बताते हैं.

ओपन बॉक्स का भी कोई फायदा नहीं

शिवानी ने ई-कॉमर्स पोर्टल फ्लिपकार्ट से अपने लिए लैपटॉप मंगाया. ओपन बॉक्स डिलीवरी के समय जब उन्होंने बॉक्स ओपन किया तो कलर में कुछ उलझन हुई. हालांकि ऐसा हो जाता है क्योंकि कई बार ऐप में दिख रहा कलर और असल कलर थोड़ा बहुत अलग हो सकता है. खैर प्रोडक्ट नया था तो उन्होंने ओटीपी दे दी. इसके बाद जब लैपटॉप को सेट करके ऑन किया तो पता चला कि स्टोरेज तो 512 जीबी है जबकि उन्होंने 1 टीबी वाला लैपटॉप ऑर्डर किया था.

यहीं से स्टार्ट हुआ दर्द का सिलसिला. रिटर्न रिक्वेस्ट तो डल गई मगर रिटर्न लेने आए कंपनी के बंदे ने ये कहकर मना कर दिया कि ऑर्डर का और प्रोडक्ट का सरियाल नंबर मैच नहीं होता. होगा भी कैसे क्योंकि ऑर्डर तो 1 टीबी का था लेकिन आया तो 512 है. उसके बाद से कस्टमर केयर से जूझने का सिलसिला खबर लिखे जाने तक जारी है. फ्लिपकार्ट का कस्टमर केयर रटे हुए जवाब दे रहा है.  

फ्लिपकार्ट के केस में ऐसा पहली बार नहीं है. कंपनी एक बार गलत मैकबुक भेजकर दूसरी बार भी गलत प्रोडक्ट भेज चुकी है. उसके बाद प्रोडक्ट को रखने का दबाव भी बना चुकी है. मामला सोशल मीडिया में आने पर कुछ पैसा वापस करने का प्रलोभन भी दे चुकी है. तो जनाब इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है.

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ओपन बॉक्स डिलीवरी के भरोसे मत रहिए. अब जो उसके भरोसे रहना है तो डिलीवरी वाले भईया को एक कुर्सी और ठंडा पानी दीजिए. जितना टाइम लगता है उतना लगाइए और अंदर-बाहर से सब चेक कर लीजिए. लेकिन ऐसा होना आसान नहीं क्योंकि भईया इतनी देर रुकने वाले नहीं. इसलिए बेहतर यही होगा कि ऑफ़लाइन मार्केट से खरीद लीजिए. वहां सब खुल्ला-खाता होता है.

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