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देखता रह गया जियो, एयरटेल ने 5G की टेस्टिंग कर डाली

एयरटेल चाहे तो महीने भर में 5G चालू कर दे!

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29 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 29 जनवरी 2021, 02:27 PM IST)
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एयरटेल ने हैदराबाद में 5G का टेस्ट किया है.
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भारती एयरटेल 5G सर्विस का सफलतापूर्वक परीक्षण करने वाली देश की पहली टेलीकॉम कंपनी बन गई है. इस मामले में एयरटेल ने रिलायंस जियो को पीछे छोड़ दिया है. जियो भी काफी समय से सैमसंग और क्वालकॉम जैसी कंपनियों के साथ मिलकर 5G पर काम कर रहा है. उसने कहा था कि 5G स्पेक्ट्रम की सेल होने के बाद वो साल 2021 की दूसरी छमाही में 5G का परीक्षण करेगा. लेकिन एयरटेल ने बिना नए स्पेक्ट्रम के ही 5G सर्विस चलाकर दिखा दी है. खबर के मुताबिक, गुरुवार को भारती एयरटेल ने हैदराबाद के एक कमर्शियल नेटवर्क पर 5G का टेस्ट किया. अभी मिड-बैंड स्पेक्ट्रम बैंड (2.5GHz-3.7GHz) की नीलामी नहीं हुई है, लेकिन एयरटेल ने मौजूदा 1800MHz, 2100MHz और 2300MHz स्पेक्ट्रम को मिलाकर ही 5G टेक्नॉलजी को चला लिया. इसका मतलब है कि अगर सरकार अनुमति दे तो ये 4G और 5G एक ही स्पेक्ट्रम बैंड पर चला लेंगे. हालांकि कहा जा रहा है कि ये असली वाले 5G एक्सपीरियंस से कमतर होगा. भारती एयरटेल के MD और CEO गोपाल वित्तल का कहना है कि उनकी कंपनी का नेटवर्क मौजूदा स्पेक्ट्रम पर 5G सर्विस चालू करने के लिए पूरी तरह से रेडी है, लेकिन असली 5G एक्सपीरियंस तभी मिल पाएगा, जब नए नेटवर्क के लिए सरकार मिड-बैंड स्पेक्ट्रम बांटेगी. भारती एयरटेल के उच्च पदाधिकारी ने कहा, “5G के साथ अच्छा एक्सपीरियंस देना बहुत जरूरी है. उसके लिए आपको और स्पेक्ट्रम की जरूरत है. खास तौर पर मिड-बैंड. मगर इसका मतलब ये नहीं है कि 1800MHz, 2100MHz और 2300MHz को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.” 5G स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी का इंतजार टेलीकॉम कंपनियां काफी टाइम से कर रही हैं. मगर इस साल के पहले हाफ में इसकी उम्मीद कम ही है. जियो भी इसके इंतजार में है. लेकिन एयरटेल ने मौजूदा स्पेक्ट्रम पर ही 5G चलाने की तैयारी कर ली है. अगर DoT (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स) इसकी इजाजत दे दे तो एयरटेल शायद एक महीने में ही कस्टमर को 5G सर्विस दे सकता है. मगर ऐसा करने से एयरटेल के पास 4G यूजर्स के लिए कम कपैसिटी रह जाएगी.

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