The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Technology
  • arrest warrant against Bhavish Aggarwal after Ola founder fails to appear

Ola स्कूटर वाले भाविश अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, एक ग्राहक ने की है शिकायत

Ola Electric: दक्षिण गोवा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बेंगलुरू पुलिस को निर्देश दिया है कि वे भाविश अग्रवाल को 23 फरवरी को पेश करें. क्या है ये मामला? आइए सब जानते हैं.

Advertisement
bailable warrant against Bhavish Aggarwal
भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट
pic
सूर्यकांत मिश्रा
17 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 17 फ़रवरी 2026, 02:29 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

Ola Electric के फाउंडर और सीईओ Bhavish Aggarwal (भाविश अग्रवाल) के खिलाफ अरेस्ट वारंट (bailable warrant against Bhavish Aggarwal) जारी हुआ है. दक्षिण गोवा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (South Goa consumer disputes redressal commission) ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. आयोग ने भाविश अग्रवाल को 4 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे आयोग के सामने पेश नहीं हुए. आयोग ने बेंगलुरू पुलिस को निर्देश दिया है कि वे भाविश अग्रवाल को 23 फरवरी को सुबह 10:30 बजे मार्गाओ स्थित आयोग के सामने पेश करें. आदेश के अनुसार, उन्हें 1.47 लाख रुपये की जमानत पर रिहा किया जा सकता है.

स्कूटर से जुड़ा मामला है

Ola स्कूटर में दिक्कतें, बेहद खराब सर्विस, स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने की शिकायतें तो अब आम बात है, मगर इस बार पूरा स्कूटर ही गायब है. प्रितेश चंद्रकांत घड़ी नाम के 26 वर्षीय युवक ने 16 अगस्त 2023 को Ola S1 Pro सेकेंड जेनरेशन स्कूटर 1.47 लाख रुपये में खरीदा था. डिलीवरी के तुरंत बाद ही स्कूटर की मोटर से अजीब आवाज आने लगी. टचस्क्रीन भी काम नहीं कर रही थी. स्कूटर को हर एक घंटे में रीबूट करना पड़ता था.

Image embed
Ola Electric के फाउंडर और सीईओ Bhavish Aggarwal के खिलाफ अरेस्ट वारंट

ये भी पढ़ें: Ola सर्विस सेंटर के किस्से बहुत सुने होंगे, आज उसकी 'कब्रगाह' भी देख लीजिए

स्कूटर को कंपनी के Vasco में स्थित डीलर के यहां रिपेयर के लिए दिया गया. तभी से स्कूटर गायब है. शिकायतकर्ता ने कई बार कंपनी से संपर्क किया मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसने उपभोक्ता फोरम का रुख किया. इसी मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने भाविश अग्रवाल को 4 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का नोटिस जारी किया था. उनसे शिकायतकर्ता की स्कूटर की मौजूदा स्थिति, लंबे समय से मरम्मत व डिलीवरी न होने के कारण, और पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया था. इसके बावजूद वे पेश नहीं हुए.

अब आयोग के आदेश के मुताबिक, अगर निर्धारित तारीख पर पेशी नहीं होती, तो मामले में कानूनी कार्रवाई और कड़ी हो सकती है. शिकायतकर्ता ने आयोग से पूरी 1.47 लाख रुपये की रिफंड राशि की मांग की है. इसके अलावा, 50,000 रुपये मुआवजा भी मांगा गया है, जिसमें पैसे की वैल्यू घटने, परेशानियों, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न का हवाला दिया गया है. Ola Electric की तरफ से इस मुद्दे पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि नवंबर 2025 में गोवा सरकार ने OLA इलेक्ट्रिक स्कूटरों के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी थी. यह कदम ग्राहकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया गया था, जिनका कहना है कि कंपनी समय पर सर्विस और रिपेयर नहीं कर रही है. परिवहन विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.

सर्विस और रिपेयर की बढ़ती शिकायतों का असर कंपनी की सेल्स पर साफ दिख रहा है. जनवरी 2026 में उसने सिर्फ 7516 स्कूटर सेल किए जबकि जनवरी 2025 में उसने 24027 स्कूटर की बिक्री की थी. ई-स्कूटर में सालों टॉप पर रही कंपनी अब पांचवें नंबर पर आ गई है. TVS और Bajaj जैसे प्लेयर बहुत आगे निकल गए हैं.

वीडियो: 'कोक स्टूडियो ही ठीक है, क्रिकेट रहने दो...' इंडियन कॉमेडियन ने पाकिस्तान के खूब मज़े लिए

Advertisement

Advertisement

()