एक टीम, जिसे आप सालों तक अकेले खींचते हैं. ऐसी-ऐसी सिचुएशन से मैच निकाल लेतेहैं, जहां सब हार मान चुके हों. दुनिया आपकी फ़ैन. लोग तारीफ़ें करते नहीं थकते.फिर आता है डाउनफ़ॉल. ये अलग बात है कि इस डाउनफ़ॉल में भी तमाम दिग्गजों के पूरेकरियर से ज्यादा ऊंचाई थी. लेकिन स्टैंडर्ड तो आपने ही सेट किया था. जिस टीम के लिएआपने दिन-रात की परवाह नहीं की. किसी से भी भिड़ गए, वही आपको किनारे लगाने लगतीहै. बल्ले से शतक नहीं आया. ताक में बैठे लोगों ने करियर खत्म होने की भविष्यवाणीशुरू कर दी. बोर्ड में बैठे दादाओं ने कप्तानी ले ली. IPL में तो खैर, टीम हर बारही गड़बड़ कर रही थी. तो अब क्या ही नया होता. वापसी की कोई उम्मीद नहीं दिख रहीथी. तक़रीबन हर पारी में आउट होने का नया तरीका दिख जाता. कभी कोई बोलिंग स्टाइल तोकभी फ़ील्डर की ब्रिलिएंस. पूरी दुनिया के साथ सितारे भी खिलाफ़ हो गए थे. सबनेउम्मीद छोड़ दी थी. सिवाय दो लोगों के. या शायद बस एक इंसान था, जिसका विश्वास नहींहिला था. अनुष्का शर्मा. देखें वीडियो.