अंग्रेजों से लड़ाई में न जाने कितने ज्ञात-अज्ञात लोगों ने प्राणों की आहुति दी है.छोटे-बड़े अनगिनत क्रांतिकारियों की शहादत ने आज़ादी की लड़ाई में अपना-अपना कीमतीयोगदान दिया है. ऐसे ही एक शहीद को महाराष्ट्र में तो पूरा सम्मान हासिल है लेकिनशेष भारत में उन्हें ज़्यादा लोग नहीं पहचानते. हम बात कर रहे हैं महज़ 22 साल कीउम्र में स्वदेशी आंदोलन में अपनी जान दे चुके बाबू गेनू सैद की.