वक्त की शिला पर कुछ लोग निशान छोड़ ही जाते हैं. चाहे-अनचाहे उनके काम-कारनामेदुनिया को भौंचक कर जाते हैं. तमाम लोग हमें-आपको एक उम्मीद-एक दिशा दिखाते हैं, तोकई ऐसे भी होते हैं, जिनको हम भूल जाना चाहते हैं. हमारी आपकी यादों से ऐसे लोग भलेओझल हो जाएं, लेकिन तारीख पर दर्ज तहरीर को मिटाना आसान नहीं होता. साल-2018 में भीकुछ ऐसे लोग हुए, जिन्होंने जाने-अनजाने अपने नाम समय की दीवारों पर दर्ज करा दिए.इन लोगों को अपने पद छोड़ने पड़े. इस्तीफे देने पड़े. मगर इबारत अभी धुंधली पड़ीहै, मिटी नहीं. आइए जानते हैं कौन थे वो पांच लोग, जिनके इस्तीफों पर अक्सर बहसेंहोती हैं.