भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव वाले हालात हैं. दोनों देशों में एक बड़ा तबका ऐसा है,जो युद्ध को ही हल मान रहा है. उनके मुताबिक़ जंग होनी ही चाहिए. लेकिन.. कुछ लोगऐसे भी हैं जो इस वॉर हिस्टेरिया के शिकार नहीं हुए हैं. जो समझते हैं कि जंग सेकुछ हासिल नहीं होता. जंग तो खुद ही एक मसला है. ये सुकून की बात है कि दोनों हीमुल्कों में कुछ सेंसिबल आवाज़ें सुनाई दे रही हैं. ‘से नो टू वॉर’ जैसे हैशटैगट्रेंड हो रहे हैं. जंग को समाधान नहीं समस्या मानने वाले ऐसे ही कुछ लोगों मेंशुमार होता है हमारे पाठक आलोक रंजन का. जिन्होंने हमें एक लेटर लिख कर भेजा है.