एक वक्त था, जब इंडियन टीम मैदान पर शांत रहती थी. ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें अक्सरविरोधी टीमों पर चिल्लाकर स्लेजिंग करके दबाव बनाती थीं. फिर सौरव गांगुली आए.उन्होंने इंडियन टीम को लड़ना सिखाया. धोनी ने शांत रहकर टीम से काम करवाए. लेकिनअब विराट कोहली का दौर है. वो विरोधी को विरोधी की भाषा में जवाब देकर खामोश करतेहैं.