एक कड़वी-मीठी औषधीय गंध से भर उठता था घर जब आंगन के नीम में फूल आते. साबुन केबुलबुलों से हवा में उड़ते सफ़ेद छोटे छोटे फूल दो-एक मां के बालों में उलझे रह जातेजब कि तुलसी घर पर जल चढ़ा कर आंगन से लौटती.