तारीख 18 दिसंबर. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह आगरा में थे. इलाके की कानूनव्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने गए थे. मीटिंग चल रही थी. शहर के एक बड़े होटल में.बड़े-बड़े अफसर जुटे थे. बताया जा रहा होगा कि साहब यहां पुलिस बहुत टाइट है.परिंदा पर नहीं मार सकता. पर उसी वक्त इस मीटिंग स्थल के करीब 15 किलोमीटर दूर इसकड़े कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. ये जगह थी आगरा के मलपुरा क्षेत्र कालालऊ गांव. जहां इसी 18 तारीख की दोपहर को एक 10वीं क्लास की छात्रा के साथ जो घटनाघटी, वो जान आपकी बुद्धि खराब हो जाएगी. लड़की को जिंदा जला दिया गया. दिनदहाड़े.लड़की अब जिंदा नहीं है. पर उसके कातिल जिंदा हैं. कहीं आराम से घूम रहे होंगे.यूपी सरकार और पुलिस का माखौल उड़ाते हुए