जापान से आया मेरा दोस्त, दोस्त को जिप्सी पे सवार करो. तो किया भाई. शिंजो आबे कोसपत्नीक गुजरात दर्शन कराया. जापान को पता लगेगा कि ‘अतिथि देवो भव:’ हमारे यहांसिर्फ सस्ती डॉरमेट्री वाले होटल में नहीं लिखा रहता. हम इसका पालन भी करते हैं.जापान ने भी हमारी दोस्ती मजबूत करते हुए बुलेट ट्रेन में पैसा लगाया. अब यहां केसरकारी नियम के हिसाब से बुलेट कब ट्रैक पर आती है, ये देखना बाकी है. उड़ती-उड़तीलेकिन विश्वस्त सूत्रों के हवाले से आई खबरें जान लो. बुलेट ट्रेन कुछ खास फीचर्ससे लैस होगी.