जिम्बाब्वे भले सुपर-8 के सारे मैच हार गई, कप्तान सिकंदर रजा ने वर्ल्ड कप को खास बना दिया
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) का सफर खत्म हो गया. इस टूर्नामेंट में उसने ग्रुप स्टेज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सुपर 8 में जगह बनाई थी. लेकिन, सुपर 8 में जिम्बाब्वे की टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई.

साउथ अफ्रीका (South Africa) से सुपर 8 में आखिरी मैच हारने के बाद, जिम्बाब्वे (Zimbabwe) का वर्ल्ड कप कैंपेन खत्म हो गया. सुपर 8 के आखिरी मुकाबले में उसे दक्षिण अफ्रीका ने 5 विकेट से हराया. जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में जिस तरह से शानदार प्रदर्शन किया, उसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे.
टी20 वर्ल्ड कप में पहले ऑस्ट्रेलिया को हराना, फिर श्रीलंका को उसके घर में पटखनी देना, वाकई काबिलेतारीफ है. लेकिन, जब सुपर 8 मैचों की शुरुआत हुई, तब जिम्बाब्वे की टीम पिछड़ गई. इन प्रेशर वाले गेम्स में वह ग्रुप स्टेज की लय बरकरार नहीं रख पाई. इसके चलते उसे सुपर 8 के सभी मैचों में हार मिली.
इसके बावजूद, जिम्बाब्वे की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 से कई पॉजिटव चीजें लेकर जा रही हैं. कप्तान सिकंदर रजा (Sikandar Raza), जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 की बात करेंगे, तो उनके पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ होगा. बीते 10 साल जिम्बाब्वे के लिए काफी उठापटक वाले रहे थे. इस दौरान टीम 2021 और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाई.
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साल 2021 में आईसीसी ने जिम्बाब्वे को निलंबित कर दिया था. निलंबन की वजह जिम्बाब्वे क्रिकेट एडिमिनिस्ट्रेशन में सरकार का दखल देना था. वही, 2024 टी20 वर्ल्ड कप के लिए जिम्बाब्वे की टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई.
सिकंदर रजा ने संवाराजिम्बाब्वे की टीम जिस समय बुरे दौर से गुजर रही थी, तब सिकंदर रजा उसके साथ खड़े रहे. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने हमेशा फ्रंट पर आकर लीड किया. उन्होंने टीम मैनेजमेंट के साथ मिलकर कमजोरियों पर काम किया और बेहतर प्लेयर्स को मौका दिया.
उन्होंने टीम में जोश भरा कि टफ सिचुएशन में घबराना नहीं है, बस बेहतरीन करने पर फोकस करना है. सिकंदर रजा ने टीम को फाइटिंग स्पिरिट सिखाई. कैप्टन ने हमेशा बैटर और बॉलर्स को बेहतर करने के लिए मोटिवेट किया. ब्रायन बैनेट, ब्लेसिंग मुजरबानी, रायन बर्ल, ब्रैड इवांस, जैसे क्रिकेटर्स ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना हंड्रेड पर्सेंट दिया. सिंकदर रजा कहते हैं कि टीम को ऊंचाइयों पर ले जाना हमारा काम है.
दमदार लीडरशिपसिकंदर रजा ने टीम में नई जान फूंकी. उन्होंने परफॉर्मेंस से ज्यादा कमिटमेंट और ईमानदारी को तरजीह दी. सिकंदर रजा ने प्लेयर्स से हमेशा खेल के प्रति, ट्रेनिंग के प्रति, तरीकों के प्रति, विज़न के प्रति और प्रोसेस के प्रति एक-दूसरे के साथ ईमानदार रहने की मांग की.
सुपर 8 में टीम भले एक भी मैच नहीं जीत पाई. इसके बावजूद, सिकंदर रजा अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश हैं. वह जिम्बाब्वे को अफ्रीका की दूसरी सबसे ताकतवर टीम मानते हैं. यह बात वह कई बार कह चुके हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे ने हाई नोट पर आकर फिनिश करने की पूरी कोशिश की.
यादगार रहा वर्ल्ड कपटी20 वर्ल्ड कप 2026 सिकंदर रजा के लिए यादगार रहा. इस टूर्नामेंट में उन्होंने उम्र को आड़े नहीं आने दिया. वर्ल्ड कप में वह एक यंगस्टर की तरह नजर आए. उम्र का असर उनकी परफॉर्मेंस पर बिलकुल नहीं पड़ा. 24 अप्रैल को सिकंदर रजा 40 साल के हो जाएंगे.
मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने बॉल और बैट से खूब धमाल मचाया. वह सुपर 8 के आखिरी मैच में भी लड़ते नजर आए. साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ बैटिंग करते हुए 43 गेंदों पर 73 रन बनाए. बाद में, बॉलिंग करते हुए 3 विकेट भी लिए. इसी ऑलराउंड परफॉर्मेंस के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया.
मौजूदा समय में सिकंदर रजा टी20 इंटरनेशनल के नंबर-1 ऑलराउंडर हैं. नंबर वन ऑलराउंडर का असर वर्ल्ड कप में भी दिखा. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए, इस वर्ल्ड कप में 206 रन बनाने के अलावा 5 विकेट भी लिए. इस दौरान उन पर कप्तानी का प्रेशर नहीं दिखा. टीम की कैप्टेंसी करते हुए परफॉर्म करना थोड़ा मुश्किल काम है.
इन प्लेयर्स का भी रहा जलवासिकंदर रजा के अलावा, टी20 वर्ल्ड कप में ब्रायन बैनेट, ब्लेसिंग मुजरबानी, ब्रैड इवांस और रिचर्ड नगारवा की परफॉर्मेंस जबरदस्त रही. इन्हीं खिलाड़ियों के चलते जिम्बाब्वे ने हर मैच में अपोनेंट्स को टक्कर दी. बैनेट टीम के टॉप स्कोरर रहे, उन्होंने 292 रन बनाए.
मुजरबानी ने अपनी पेस बॉलिंग से खूब इंपैक्ट डाला. उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए जिंंबाब्वे के लिए सबसे ज्यादा 13 विकेट लिए. उनके अलावा ब्रैंड इवांस ने 10 विकेट अपने नाम किए. रिचर्ड नगारवा जिम्बाब्वे के तीसरे सबसे सक्सेसफुल बॉलर रहे, उन्होंने 6 विकेट झटके.
कुल मिलाकर जिम्बाब्वे की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दमदार खेल दिखाया. इस दौरान उसने अपनी परफॉर्मेंस से कई टीमों को चौकाया. जिम्बाब्वे का अगला मिशन टी20 वर्ल्ड कप 2028 होगा. तब तक टीम और मजबूत हो जाएगी. साल 2028 के वर्ल्ड कप में वह कई तगड़ी टीमों को फिर टक्कर देती नजर आएगी.
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