धोनी के बाद रोहित, कोहली और हार्दिक में बेस्ट कैप्टन कौन और क्यों? चहल के जवाब में दम तो है!
टीम में ज्यादा मौके नहीं मिलने को लेकर चहल ने क्या कहा?
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युजवेंद्र चहल. इंडियन टीम के स्टार लेग स्पिनर. साल 2016 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले चहल अलग-अलग कप्तानों के अंदर खेल चुके हैं. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में डेब्यू करने वाले चहल विराट कोहली, रोहित शर्मा साथ-साथ हार्दिक पंड्या की कप्तानी में भी खेल चुके हैं. ऐसे में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ होने वाले दूसरे T20 से उनसे सभी कप्तानों में अंतर के बारे में पूछा गया.
मैच से पहले हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका जवाब देते हुए चहल ने कहा कि वेे इसे इस तरह देखते हूैं कि जैसे आपके परिवार में चार भाई हैं. सबसे बड़े भाई माही भाई हैं. फिर विराट, रोहित और हार्दिक हैं. सभी के साथ समीकरण वही रहता है. कुछ नहीं बदलता है. मैदान पर हर कोई चाहता है कि उसकी टीम जीते. चहल ने बताया,
“एक गेंदबाज के तौर पर वह हमें आजादी देते हैं. जो आजादी हमें पहले मिलती थी, वही आजादी अब हार्दिक हमें दे रहे हैं. गेंदबाज अपनी फील्ड खुद तय कर सकते हैं.”
हार्दिक पंड्या की कप्तानी को लेकर चहल ने कहा कि वो खुद भी एक गेंदबाज हैं. चहल के मुताबिक, यदि हमारी योजना काम नहीं करती है तो वह अपना इनपुट देते हैं. इसलिए जब लीडरशिप की बात आती है तो कोई पूरी तरह बदलाव नहीं होता है. टीम इंडिया में हर किसी को हमेशा अपने कप्तान से वो आजादी मिलती है जिसकी उसे जरूरत होती है.
वनडे टीम में ज्यादा मौका ना मिलने को लेकर चहल ने कहा कि टीम कॉम्बिनेशन हमारी प्राथमिकता है और इसमें कुछ नया नहीं है. चहल ने इस पर खुल कर कहा,
“सातवें नंबर पर रविंद्र जडेजा या अक्षर पटेल खेलते हैं. अगर विकेट स्पिनर्स के अनुकूल हो तो तभी हम तीन स्पिनर उतारते हैं. कुलदीप वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और वह शानदार लय में है. इसलिए टीम उसका समर्थन कर रही है. मैं नेट पर कड़ा अभ्यास करता हूं ताकि जब भी मुझे मौका मिले मैं उसका फायदा उठा सकूं."
चहल ने आगे कहा कि बहुत खुशी है कि उन्हें हर दिन टीम की जर्सी पहनने का मौका मिलता है. चहल के मुताबिक,
“मैं घर में नहीं बैठा हूं. मैं टीम के साथ ट्रैवल कर रहा हूं. मैं टीम का हिस्सा हूं. मैं शतरंज का खिलाड़ी रहा हूं, जो व्यक्तिगत खेल है. लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है. इसमें टीम में शामिल 15 खिलाड़ियों में से 11 को ही खेलने का मौका मिलता है.”
दरअसल, वनडे क्रिकेट में युजवेंद्र चहल को ज्यादा मौके नहीं मिल रहे हैं. उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका दिया जा रहा है. ऐसे में चहल को क्या एशिया कप और वर्ल्ड कप में मौका मिल पाता है, ये देखने वाली बात होगी.
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